One Nation-One Election से पहले EVM पर बात कीजिये, पप्पू यादव ने सरकार से कर दी बड़ी मांग

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 Dec 2024 3:53 PM

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One Nation-One Election: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा है कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन से पहले वन नेशन वन जस्टिस और वन नेशन वन एजुकेशन पर बात होनी चाहिए.

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One Nation-One Election: वन नेशन- वन इलेक्शन को लेकर केंद्र सरकार लोकसभा में बिल पेश करने जा रही है. इस बिल को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. एनडीए गठबंधन जहां इस बिल के समर्थन में है तो वहीं इंडिया गठबंधन लगातार इस बिल पर आपत्ति जता रही है. पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर कहा, ‘वन नेशन वन इलेक्शन का कोई मतलब नहीं है. सरकार इस बिल से पहले ईवीएम और बैलेट पेपर पर बात करें. चुनाव महंगा होता जा रहा है. 300 से 400 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. देश के लोगों के टैक्स का पैसा चोरी कर चुनाव में लगाया जा रहा है. चुनाव के मार्केटिंग की जा रही है. टैक्स के पैसे से विज्ञापन दिए जा रहे हैं. टैक्स के पैसे से जो खैरात बांटी जा रही है उसे रोका जाना चाहिए. सरकार को वन नेशन वन हेल्थ, वन नेशन वन एजुकेशन और वन नेशन वन जस्टिस की बात करनी चाहिए. सरकार को आजादी और मौलिक अधिकारों की बात करनी चाहिए. लोगों को रोजगार नहीं मिला है उसकी बात करे.’

उपेंद्र कुशवाहा ने किया समर्थन

राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन बहुत अच्छी पहल है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अगर यह लागू होता है तो इससे आम लोगों को फायदा होगा, देश का खर्च बचेगा और समय की बचत होगी. यह एक बहुत ही सकारात्मक प्रयास है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने वन नेशन, वन इलेक्शन को चुनाव जीतने का जुगाड़ बताया है. इस संबंध में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक साथ चुनाव होने से जीतने-हारने का कोई संबंध नहीं है. जिनको जनता चाहेगी वही जीतेगा, जनता जिसको चाहेगी वह हारेगा.

यह देश की जरूरत- चिराग पासवान

लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के प्रमुख चिराग पासवान ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को देश की जरूरत बताते हुए कहा, ‘अभी हम लोगों ने देखा कुछ महीने पहले ही लोकसभा के चुनाव संपन्न हुए, उसके ठीक बाद हरियाणा, जम्मू कश्मीर के चुनाव में लोग व्यस्त हुए. उसके बाद झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव हुए. इसके बाद दिल्ली और उसके बाद बिहार और फिर असम का चुनाव है. हर दूसरे और तीसरे महीने देश के किसी न किसी राज्य में चुनाव होते हैं. यह न सिर्फ आर्थिक बोझ देश के ऊपर डालने का काम करते हैं, बल्कि जिस तरीके से मशीनरी के डिप्लॉयमेंट को लेकर एक व्यवस्था तैयार करने की जरूरत पड़ती है, उसमें भी समय बहुत ज्यादा बर्बाद होता है. इस स्थिति में जब आचार संहिता लगती है तो विकास की गति कहीं ना कहीं रूकती है. इस कारण देश में एक ही बार चुनाव हों और पांच साल तक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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