ओपन सर्जरी के बदला गया दिल का एओर्टिक वाल्व, गंभीर हृदय रोग से उबरकर मरीज को मिला नया जीवन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Jan 2026 9:08 AM
मरीज लंबे समय से हृदय के एओर्टिक वाल्व में सिकुड़न की समस्या से जूझ रही थी, जिसके कारण उन्हें सीने में दर्द, सांस फूलने और चलने-फिरने में भारी कठिनाई हो रही थी. मरीज के डाइबिटिक होने के कारण पारंपरिक सर्जरी अधिक जोखिम भरी थी, जिसे देखते हुए डॉ. भारती और डॉ सुशांत ने बिना चीड़-फाड़ वाली आधुनिक तकनीक को चुना.
फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पटना ने चिकित्सा विज्ञान की आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए समस्तीपुर के मोरवा – उमेदपुर की एक बुजुर्ग महिला मालती देवी (बदला हुआ नाम) मरीज को गंभीर हृदय रोग से निजात दिलाई दी. जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.बी. भारती और डॉ सुशांत पाठक के नेतृत्व में अस्पताल ने सफलतापूर्वक ‘ट्रांस एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट’ यानी टीएवीआर की प्रक्रिया संपन्न की.
इस सफल प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. बी.बी. भारती ने बताया कि एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट एक अत्यंत जटिल प्रक्रिया है, लेकिन टीएवीआर विधि ने इसे उपयोगी बना दिया है. इस तकनीक में बिना ओपन हार्ट सर्जरी किए ही हृदय के पुराने वाल्व के अंदर नया वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि इस विधि के परिणाम बेहद उत्साहजनक और बेहतर हैं क्योंकि इसमें मरीज को कम परेशानी होती है और रिकवरी तेजी से होती है. डॉ. भारती के अनुसार, आने वाले समय में यह प्रक्रिया हृदय रोगियों के लिए अत्यधिक उपयोगी और लोकप्रिय साबित होने वाली है. इस सर्जरी में डॉ मनमोहन, डॉ सरोज आदि शामिल रहे.
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