लालू, मायावती और मांझी जब बन सकते हैं सीएम, तो निषाद का बेटा क्यों नहीं : मुकेश सहनी

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि देश एक संविधान और एक कानून से चल रहा. कई राज्यों में निषाद समाज को आरक्षण मिलता है लेकिन बिहार, झारखंड, यूपी में निषाद को आरक्षण नहीं मिल रहा.
बिहार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी ( वीआईपी ) के सुप्रीमो व पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने गुरुवार को कहा कि सरकार और सिस्टम में रहकर ही अपने समाज का कल्याण और गरीबों का हक दिलवाया जा सकता है, इसलिए जरूरत है कि समाज के लोग एकजुट हों. यह बातें उन्होंने भोजपुर के कोईलवर प्रखंड स्थित कायम नगर बिन्द टोली में ‘वीआईपी कार्यकर्ता मिलन’ समारोह में शामिल होने के दौरान कही.
मुकेश सहनी ने इस समारोह में उपस्थिति लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वीआईपी नौ साल के संघर्षों के बाद सरकार में शामिल हुई है. लेकिन किसी के इशारे में नहीं चलने के कारण हमारे विधायक तोड़ लिए गए. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि हमारी पार्टी लगातार मजबूत हो रही है. उन्होंने लोगों से बच्चों को पढ़ाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि हमारे पूर्वज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं थे, जिस कारण बिहार में निषादों को अधिकार नहीं मिल सका है.
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि देश एक संविधान और एक कानून से चल रहा. कई राज्यों में निषाद समाज को आरक्षण मिलता है लेकिन बिहार, झारखंड, यूपी में निषाद को आरक्षण नहीं मिल रहा. उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जिनकी नियत और नीति सही नहीं होगी उसकी पार्टी कमजोर होगी, लेकिन वीआईपी तेजी से मजबूत हुई है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वीआईपी काम समय में बड़ा मुकाम हासिल किया है.
मुकेश सहनी ने जोर देते हुए कहा कि यूपी में जब मायावती , बिहार में जीतन राम मांझी और लालू प्रसाद मुख्यमंत्री बन सकते है तो निषाद का बेटा मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता. सहनी ने दावा करते हुए कहा कि राज्य में निषादों का 15 प्रतिशत वोट है. उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 में होने वाले चुनाव में हम मजबूती से चुनाव लडेंगे और खोया साम्राज्य हासिल भी करेंगे.
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