बिहार की बेटी ने किया तैयार रोबोट, कोरोना से जंग में डॉक्टर और नर्सों को बचाने में बनेगा सहायक, बिना मरीजों के पास गए होगा इलाज

Updated at : 21 May 2021 12:17 PM (IST)
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बिहार की बेटी ने किया तैयार रोबोट, कोरोना से जंग में डॉक्टर और नर्सों को बचाने में बनेगा सहायक, बिना मरीजों के पास गए होगा इलाज

बिहार में कोरोन संक्रमण के दूसरे लहर में मरीजों के इलाज में जुटे कई डॉक्टरों का भी निधन हुआ है. वहीं लगातार कई जिलों से डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने की खबरें सामने आने का सिलसिला अभी भी जारी ही है. लेकिन अब डॉक्टर मरीजों के बिना संपर्क में आए उनका इलाज कर सकेंगे. साथ ही स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के बिना संपर्क में आए उनकी कई जांच कर सकेंगे. पटना के एक पिता-पुत्री ने मिलकर ऐसा ऐप तैयार किया है जिसके तहत ये सभी सुविधाएं संभव है.

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बिहार में कोरोन संक्रमण के दूसरे लहर में मरीजों के इलाज में जुटे कई डॉक्टरों का भी निधन हुआ है. वहीं लगातार कई जिलों से डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने की खबरें सामने आने का सिलसिला अभी भी जारी ही है. लेकिन अब डॉक्टर मरीजों के बिना संपर्क में आए उनका इलाज कर सकेंगे. साथ ही स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के बिना संपर्क में आए उनकी कई जांच कर सकेंगे. पटना के एक पिता-पुत्री ने मिलकर ऐसा ऐप तैयार किया है जिसके तहत ये सभी सुविधाएं संभव है.

पटना निवासी योगेश कुमार और उनकी बेटी आकांक्षा ने मिलकर एक ऐप तैयार किया गया है जिसका नाम ‘मेडी रोबोट’ (Medi Robot) रखा गया है. यह रोबोट डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें मरीजों के पास बिना गए ही ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल, पल्स रेट, ECG जैसे कई तरह की जांच करने में यह रोबोट मददगार है.

रोबोट बनाने वाली छात्रा आंकाक्षा इंजीनियरिंग की छात्रा है जिसने अपने पिता के साथ मिलकर इसे तैयार किया है. इस रोबोट से संक्रमित मरीजों या संक्रमण के संदिग्ध मरीजों की बेसिक मेडिकल जांच को दूर से कसरने और रिपोर्ट देने में सक्षम है. डॉक्टरों के संक्रमित होने का खतरा इससे कम होगा. इसके सहयोग से वो मरीजों के रक्त में ग्लूकोज व ऑक्सीजन की मात्रा, तापमान, ब्लड प्रेशर, वजन, ईसीजी, हृदय गति वगैरह की जांच कर सकेंगे. रोबोट में वायरलेस स्टेथेस्कोप व ऑक्सीजन के सिलेंडर भी इंस्टॉल हैं. इसके माध्यम से डॉक्टर दूर से ही वायरलेस स्टेथेस्कोप से फेफड़े की स्थिति और हर्ट वगैरह की जांच कर सकते हैं.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसमें हाई रेज्यूलेशन नाइट विजन कैमरा लगा हुआ है जिसके कारण यह 360 डिग्री पर घूमकर मरीज और आसपास की निगरानी की कर सकता है. यह रोबोट मरीजों के देखभाल में भी सहायक है. यह संक्रमित व्यक्ति को दवा, खाना, पानी, नेबुलाइजर और ऑक्सीजन आदि भी पहुंचा सकता है.

हाई रेज्यूलेशन कैमरा से डॉक्टर और मरीज के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाद भी संभव है. वहीं डॉक्टर क्यूआर कोड की की मदद से ई-प्रिस्किप्सन भी दे सकेंगे. मेडिकल इक्यूपमेंट के साथ इसकी कीमत बाजार में लगभग एक लाख रुपये की होगी. रोबोट के पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है. बिहार की बेटी ने किया तैयार रोबोट तथा Hindi News से अपडेट के लिए बने रहें।

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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