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सूबे के बाजार प्रांगण इ-प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे, बनाये जायेंगे आधुनिक

Updated at : 25 Jun 2024 2:11 AM (IST)
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सूबे के बाजार प्रांगण इ-प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे, बनाये जायेंगे आधुनिक

राज्य के बाजार प्रांगणों का नवीनीकरण किया जायेगा. साथ ही इन्हें इ-प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जायेगा. इससे जुड़ने के साथ ही किसान राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन मार्केट से जुड़ जायेंगे.

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संवाददाता, पटना

राज्य के बाजार प्रांगणों का नवीनीकरण किया जायेगा. साथ ही इन्हें इ-प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जायेगा. इससे जुड़ने के साथ ही किसान राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन मार्केट से जुड़ जायेंगे. इस सुविधा से किसानों को देश के अन्य हिस्सों में व्यापार करने में सुविधा होगी. बाजार प्रांगणों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण पर इस साल कुल 6 अरब 23 करोड़ 7600000 रुपये खर्च किये जायेंगे. कृषि बाजार प्रांगण में इ-प्लेटफॉर्म जोड़ने पर सात करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.

इंटरनेशनल मार्केट में बिहार का उत्पाद पहुंचेगा : दूसरे देशों में बिहार के उत्पादों को निर्यात करने की पहल होगी. इसमें वैसे देशों का चयन किया जायेगा, जहां बिहार के कृषि उत्पाद नहीं पहुंचे हैं. इसके लिए सरकार अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेगी. व्यापार मेलों का आयोजन, ब्रांड प्रोमोशन आयोजित किये जायेंगे. अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग से जुड़े कार्यक्रमों में बिहार के जीआइ उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.

1794 ग्रामीण हाटों का होगा कायाकल्प

कृषि पर स्थायी समिति 2018-19 की रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में कुल 1794 ग्रामीण हाट मौजूद हैं. इनमें 325 ग्रामीण हाट एपीएमसी के अधीन कार्यरत थे. इन ग्रामीण हाटों में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. शौचालय, लाइट, पेयजल की भी सुविधा नहीं है. चौथे कृषि रोड मैप में इन ग्रामीण हाटों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जायेंगी. साथ ही इन ग्रामीण हाटों को सरकारी कृषि उत्पाद बाजार प्रांगण से भी जोड़ा जायेगा. ग्रामीण हाटों के सर्वांगीण विकास पर इस साल छह करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. वर्ष 2028 तक इन ग्रामीण हाटों को पूरी तरह से विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.

कई कृषि उत्पादों के मूल्यों को लेकर चिंता : कृषि उत्पादों की मार्केटिंग को लेकर प्रारंभिक विश्लेषण और चर्चा में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्द्धन को चुनौती बतायी गयी है. कई कृषि उत्पादों को लेकर चिंता जाहिर की गयी है. उत्पादन फसल कटाई के बाद प्रबंधन, मार्केटिंग चुनौतियों के रूप में चिह्नित की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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