ePaper

पटना जंक्शन पर स्पेशल ट्रेनों से भीड़ कम करने की कोशिश नाकाम, श्रद्धालुओं के सैलाब के आगे व्यवस्था बेबस

Updated at : 19 Feb 2025 8:02 AM (IST)
विज्ञापन
patna junction crowd| Attempt to run special trains fails in front of crowd at Patna Junction

पटना जंक्शन पर श्रद्धालुओं का सैलाब

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ की आस्था श्रद्धालुओं को किसी भी कठिनाई से नहीं रोक पा रही है. ट्रेनों में भारी भीड़, धक्का-मुक्की और लंबी यात्राओं के बावजूद भक्त कुंभस्नान के लिए उमड़ रहे हैं. पटना जंक्शन सहित कई स्टेशनों पर आस्था का जनसैलाब देखने को मिल रहा है, जहां लोग किसी भी हाल में प्रयागराज पहुंचने के लिए तत्पर हैं.

विज्ञापन

Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पटना जंक्शन पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ से सबक लेते हुए देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लाइन में लगाकर ट्रेनों में चढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है. लेकिन, पटना जंक्शन पर यह सख्ती नदारद रही. यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो कोई लाइन लगवाई गई और न ही रस्सी से कोई घेरा बनाया गया.

बेतरतीब भीड़, सुरक्षा इंतजाम नाकाफी

मंगलवार को पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र और दानापुर स्टेशन पर आस्था का सैलाब उमड़ा. शाम 6:30 बजे जब मगध एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची तो श्रद्धालु बेतरतीब तरीके से बोगियों में चढ़ने लगे. महज 15 मिनट में पूरी ट्रेन यात्रियों से भर गई. यही हाल संपूर्ण क्रांति, विक्रमशिला, श्रमजीवी और पूर्वा एक्सप्रेस का भी रहा. सामान्य बोगियों में जगह न मिलने के कारण यात्रियों ने आरक्षित बोगियों में जबरन प्रवेश कर लिया, जिससे ट्रेन में अव्यवस्था और बढ़ गई.

रेलवे प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चार स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की. लेकिन सभी ट्रेनें पूरी तरह से भर गईं. इसके बावजूद हजारों श्रद्धालु अगली ट्रेनों का इंतजार करते रहे. प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्था इस कदर हावी रही कि यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

प्रशासनिक दावों की खुली पोल

महाकुंभ के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे. लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई. न तो प्लेटफार्म पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत थी और न ही कोई स्पष्ट सूचना तंत्र. प्लेटफॉर्म 1, 3, 4 और 5 पर भारी भीड़ लगी रही, लेकिन कहीं भी मार्गदर्शन के लिए बोर्ड तक नहीं लगाए गए थे.

Also Read: बिहार में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, रेलवे ने गया सहित इन शहरों में शुरू की तैयारी…

सुविधाओं का अभाव, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

स्टेशन परिसर के बाहर यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया के नाम पर केवल तंबू लगा दिए गए. लेकिन, अस्थायी टिकट काउंटर और इन्क्वायरी डेस्क की कोई व्यवस्था नहीं की गई. जिससे यात्रियों को न केवल टिकट लेने में कठिनाई हुई बल्कि ट्रेन की जानकारी प्राप्त करने में भी परेशानी झेलनी पड़ी. रेलवे प्रशासन की यह लापरवाही यात्रियों की तकलीफों को ओर बढ़ा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन