सीबीडीटी के चेयरमैन ने पटना में की बिहार-झारखंड की पहली फॉरेंसिक डिजिटल इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स लैब की शुरुआत

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सीबीडीटी के चेयरमैन ने पटना में की बिहार-झारखंड की पहली फॉरेंसिक डिजिटल इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स लैब की शुरुआत

आयकर विभाग ने बिहार-झारखंड की पहली फॉरेंसिक डिजिटल इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स लैब की शुरुआत पटना में की है.बुधवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने केंद्रीय राजस्व भवन में इसका उद्घाटन किया.

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संवाददाता,पटना आयकर विभाग ने बिहार-झारखंड की पहली फॉरेंसिक डिजिटल इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स लैब की शुरुआत पटना में की है.बुधवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने केंद्रीय राजस्व भवन में इसका उद्घाटन किया.मौके पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि समय के साथ भौतिक दस्तावेजों की तुलना में डिजिटल दस्तावेज के बढ़े इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती बन गई है.इन चुनौतियों को देखते हुए देशभर में डिजिटल इंटेलजेंस एंड एनालिटिक्स लैब की स्थापना की जा रही है.पटना से पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, भोपाल आदि शहरों में इसकी स्थापना की गयी है. इन लैब की मदद से आयकर विभाग के सर्च-सर्वे के आधार पर मिले डिजिटल उपकरणों से डेटा के विश्लेषण और एविडेंस को इकट्ठा करने में मदद मिलेगी.इस मौके पर बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त जयंत मिश्र, आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) सैयद नासीर अली, प्रधान आयकर निदेशक (अन्वेषण) रंजन कुमार और आयकर आयुक्त (प्रशासन) केएल कनक सहित आयकर विभाग के कई अधिकारी-कर्मी मौजूद थे. डिजिटल विश्लेषण को लेकर अभी तक बाहरी वेंडर्स पर थी निर्भरता चेयरमैन बताया कि इन लैबों को उन्नत बनाने में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) गांधीनगर मदद कर रहा है.इनके माध्यम से ही आयकर अधिकारियों को नियमित अंतराल पर ट्रेनिंग दिलाई जायेगी.उन्होंने बताया कि पहले डिजिटल विश्लेषण को लेकर बाहरी वेंडर्स पर निर्भरता होती थी.अब आयकर विभाग के डिजिटल लैब होने से जिम्मेदारी के साथ डेटा का विश्लेषण सुनिश्चित हो सकेगा. श्री अग्रवाल ने बताया कि लैब में रखे गए निजी डेटा पूरी तरह सुरक्षित होंगे.इनका सिक्योरिटी एक्सेस कंट्रोल विभाग के पास रहेगा.कंट्रोल रूम सीसीटीवी से लैस हैं। इसके साथ ही कभी भी देखा जा सकेगा कि किसने कौन सा डेटा देखा है?

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