लाई-लड्डू से तिलकुट और रसगुल्ले तक, बिहार विधानसभा में मिठाइयों पर छिड़ी दिलचस्प बहस में खूब लगे ठहाके

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 23 Feb 2026 6:11 PM

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बिहार विधानसभा में मिठाइयों को जीआई टैग दिलाने के लिए बहस

Bihar Politics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में इस बार मिठाइयों पर दिलचस्प बहस देखने को मिली. विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की मशहूर मिठाइयों को जीआई टैग दिलाने की मांग उठाई. ठहाकों के बीच सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया.

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Bihar Politics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को बहस का विषय कुछ अलग रहा. सदन में लाई, लड्डू, तिलकुट और रसगुल्ले पर चर्चा छिड़ी तो माहौल हल्का हो गया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने-अपने क्षेत्र की मशहूर मिठाइयों को जीआई टैग दिलाने की मांग करने लगे. ठहाकों के बीच सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया.

खोबी लाई पर उठी सबसे पहले आवाज

बाढ़ से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सियाराम सिंह ने खोबी लाई को जीआई टैग दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि यह मिठाई सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान है. दशकों से स्थानीय कारीगर इसे पारंपरिक तरीके से बनाते आ रहे हैं. इसे कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए.

मंत्री दिलीप जायसवाल का जवाब

उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने खोबिया लाई के लिए आवेदन Geographical Indications Registry को भेज दिया है. मामला फिलहाल लंबित है. उन्होंने कृषि विभाग से स्मरण पत्र भेजने का आग्रह किया. रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई होगी.

मंत्री ने हंसते हुए कहा कि वह जब भी उस इलाके से गुजरते हैं, खोबी लाई जरूर खाते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य के कई उत्पाद पहले ही जीआई टैग पा चुके हैं. इनमें शाही लीची, कतरनी चावल, जर्दालु आम, मगही पान, मिथिला मखाना, मर्चा चावल, मधुबनी पेंटिंग और भागलपुर सिल्क शामिल हैं.

तिलकुट और रसगुल्ले पर चुटकी

जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने गयाजी के तिलकुट को भी जीआई टैग दिलाने की बात कही. मंत्री विजय चौधरी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आसन आवेदन नहीं करता, निर्देश देता है. सदन में ठहाके गूंज उठे.

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि मंत्री रसगुल्ला और लाई खाते हैं, पर पहल कम करते हैं. इस पर जायसवाल ने जवाब दिया कि आज तक उन्हें रसगुल्ला खिलाया ही नहीं गया. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने मनेर के लड्डू को भी जीआई टैग दिलाने की मांग की.

लगेगी मिठाइयों की प्रदर्शनी

बहस के बीच सुझाव आया कि विधानसभा परिसर में बिहार की प्रसिद्ध मिठाइयों की प्रदर्शनी लगाई जाए. बसंत उत्सव के दौरान ऐसा आयोजन करने पर विचार हो सकता है. अध्यक्ष ने 25 फरवरी को इस पहल पर चर्चा की बात कही.

मिठास भरी इस बहस ने राजनीतिक माहौल को कुछ देर के लिए हल्का कर दिया. साथ ही स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की गंभीर पहल भी सामने आई.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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