बिहार के गेस्ट प्रोफेसरों को जल्द मिलेगी गुड न्यूज, ACS सिद्धार्थ से मीटिंग रही पॉजिटिव

शिक्षा विभाग ACS एस सिद्धार्थ
Professors: सभी गेस्ट प्रोफेसर पिछले छह साल से अपनी सेवा देते आ रहे हैं, लेकिन अबतक किसी का सेवा समायोजन नहीं हुआ है. साथ ही नौकरी जाने का डर सता रहा है. एसीएस ने आवेदन लेकर भरोसा दिया है कि मांगों पर विचार किया जाएगा.
Professors: पटना. बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य के गेस्ट प्रोफेसरों की उम्मीदें बढ़ती जा रही है. गेस्ट प्रोफेसरों ने एसीएस एस सिद्धार्थ से मिलकर एक बार फिर से मांग की कि उन्हें या तो समायोजन किया जाए या फिर सेवा स्थाई किया जाए. इस दौरान बताया कि सभी गेस्ट प्रोफेसर पिछले छह साल से अपनी सेवा देते आ रहे हैं, लेकिन अबतक किसी का सेवा समायोजन नहीं हुआ है. साथ ही नौकरी जाने का डर सता रहा है.
मांग पर विचार करने का भरोसा
गेस्ट प्रोफेसरों ने अपनी मांग पत्र के साथ एसीएस को उनकी एक तस्वीर भेंट की. एसीएस ने आवेदन लेकर भरोसा दिया है कि मांगों पर विचार किया जाएगा. गेस्ट प्रोफेसर शाजिया परवीन ने बताया, “हमने जब एसीएस से समायोजन की बात की तो उन्होंने सकारात्मक तरीके से हमारी बातों से सुने और इसपर कदम उठाने का आश्वासन दिया, उनकी बातें सुनकर हमें उम्मीद है कि वो टीचरों की तरह हमारी मांगों को भी पूरी करेंगे. शाजिया ने बताया कि वह पांच साल से गेस्ट प्रोफेसर हैं.
उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं
आवेदन देने पहुंची महिला गेस्ट प्रोफेसर डॉ. वंदना ने बताया, “एसीएस से हमने कहा कि जिस तरह से प्लस टू वालों को रखा गया है, उसी आधार पर हमलोगों को भी रखने पर विचार किया जाए.” एक अन्य गेस्ट प्रोफेसर डॉ. प्रीतम ने बताया, “एसीएस से मुलाकात के बाद उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं.” गेस्ट प्रोफेसर विभा ने बताया, “इस मुलाकात के बाद हमें उम्मीद ही नहीं, यकीन हो रहा है कि हमारी डिमांड को पूरा किया जाएगा.”
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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