Doctors Strike: बिहार में सरकारी डॉक्टरों का हड़ताल, तीन दिनों तक बंद रहेंगी OPD सेवाएं...
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 27 Mar 2025 7:48 AM
सांकेतिक तस्वीर
Doctors Strike: बिहार के सरकारी अस्पतालों में अगले तीन दिनों तक OPD सेवाएं बंद रहेंगी. जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस, प्रशासनिक उत्पीड़न और स्टाफ की कमी को लेकर कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है.
Doctors Strike: बिहार के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अगले तीन दिनों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) ने OPD सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है. डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस, प्रशासनिक उत्पीड़न और स्टाफ की कमी को लेकर विरोध जताते हुए हड़ताल शुरू कर दी है. हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी.
डॉक्टरों की नाराजगी, क्यों हो रहा विरोध?
BHSA के प्रवक्ता डॉ. विनय कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा, वेतन, गृह जिला में पोस्टिंग और सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं को लेकर सरकार से कई बार पत्राचार किया गया. लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, जिससे डॉक्टरों को मजबूर होकर कार्य बहिष्कार करना पड़ा.
डॉक्टर्स की मुख्य मांगें:
- बायोमेट्रिक अटेंडेंस से वेतन में देरी: कई जिलों में डॉक्टरों का वेतन महीनों से रुका हुआ है.
- प्रशासनिक उत्पीड़न: निरीक्षण के नाम पर डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है.
- सुविधाओं की कमी: डॉक्टरों को सुरक्षा, आवास और कार्य अवधि निर्धारण जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही.
- कर्मचारियों की भारी कमी: हर साल हजारों डॉक्टर PG और सीनियर रेजिडेंसी के लिए स्टडी लीव पर जाते हैं, लेकिन सरकार उन पदों को रिक्त नहीं मानती, जिससे मौजूदा डॉक्टरों पर काम का भारी दबाव पड़ता है.
शिवहर के डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार
डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि शिवहर में जिलाधिकारी की बैठक के दौरान डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया गया. इसके विरोध में वहां के डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन OPD बहिष्कार का ऐलान कर दिया.
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29 मार्च तक नहीं मिली सुनवाई तो बढ़ेगा आंदोलन
BHSA ने साफ कर दिया है कि अगर 29 मार्च तक सरकार ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला तो हड़ताल को और तेज किया जाएगा. इससे मरीजों को और भी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार और डॉक्टरों के बीच यह विवाद कब और कैसे सुलझता है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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