‘गजेटियर-कम-एटलस ऑफ वॉटर बॉडीज ऑफ बिहार’ का विमोचन

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‘गजेटियर-कम-एटलस ऑफ वॉटर बॉडीज ऑफ बिहार’ का विमोचन

राज्य के सरकारी तालाबों को विशिष्ट पहचान (यूआइडी) मिलेगी. इससे जलस्रोतों की सुरक्षा और प्रबंधन को बल मिलेगा.

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पटना. राज्य के सरकारी तालाबों को विशिष्ट पहचान (यूआइडी) मिलेगी. इससे जलस्रोतों की सुरक्षा और प्रबंधन को बल मिलेगा. साथ ही अतिक्रमित जल निकायों की पहचान कर उन्हें फिर से संरक्षित करने में स्थानीय प्रशासन को मदद मिलेगी. यह बातें राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने ‘गजेटियर-कम-एटलस ऑफ वॉटर बॉडीज ऑफ बिहार’ पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं. इस पुस्तक का विमोचन उन्होंने पटना स्थित मुख्य सचिवालय के अधिवेशन भवन में किया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की नदियां, आर्द्रभूमि, तालाब जैसे जल निकायों की जानकारी मानचित्रों के माध्यम से मिलेंगी. मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि जल-जीवन और हरियाली को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जो सोच है, उसी के अनुरूप इस पुस्तक का प्रकाशन हुआ है.इस एटलस के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन किया गया है. जल्द ही हिंदी संस्करण भी प्रकाशित किया जायेगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 54 वर्षों बाद पटना जिले का गजेटियर और 60 साल बाद दरभंगा जिला गजेटियर का प्रकाशन भी जल्द करेगा.

जल स्रोतों से जुड़ी जानकारी एक जगह होगी उपलब्ध : इस मौके पर विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि यह एटलस जल-संसाधन, कृषि, सड़क, पुरातत्व, आपदा, ग्रामीण विकास सहित कई विभागों और संस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ होगा. इस दस्तावेज से प्रशासनिक कार्यों में सहूलियत होगी.

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