अभया दिवस पर महिला चिकित्सकों ने उठाई सुरक्षा की आवाज, मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में ठोस व्यवस्था की मांग

Updated:
विज्ञापन

कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिला चिकित्सक

राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल (NMC) की गाइडलाइन में महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को अनिवार्य बनाने की मांग को लेकर महिला चिकित्सक एकजुट हो गई हैं. अभया दिवस पर उन्होंने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में ठोस सुरक्षा व्यवस्था की अपील की है.

विज्ञापन

Patna News : पटना ऑब्सट्रिक एंड गाइनोकोलॉजिकल सोसायटी की ओर से रविवार को आईएमए हॉल में अभया दिवस आयोजित किया गया. इस मौके पर सोसायटी की महिला चिकित्सकों ने दो साल पहले कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को लेकर सुरक्षा की मांग उठाई. महिला चिकित्सकों ने नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) से मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने के प्रावधानों में महिला चिकित्सकों की सुरक्षा को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने की मांग की.

रात में ड्यूटी करने वाली डॉक्टरों की सुरक्षा पर जोर

सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि महिला चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में ठोस प्रावधान होने चाहिए. कई बार महिला चिकित्सकों को रात में ड्यूटी करनी पड़ती है. ऐसे में उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता और भय बना रहता है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की लाइब्रेरी में देर रात तक पढ़ाई करने वाली छात्राओं और चिकित्सकों के लिए भी बेहतर सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है.

सुरक्षित माहौल में ही बेहतर इलाज संभव

डॉ. मंजू गीता मिश्रा ने कहा कि जब महिला चिकित्सक खुद सुरक्षित रहेंगी, तभी वे मरीजों का बेहतर इलाज कर पाएंगी. उन्होंने कहा कि बिहार में भी समय-समय पर महिला चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आती रहती हैं. इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे महिला चिकित्सकों के मन से डर और भय खत्म हो.

आंतरिक शिकायत समिति को मजबूत करने की मांग

महिला चिकित्सकों ने सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आंतरिक शिकायत समिति को और मजबूत करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे महिला चिकित्सक बिना किसी भय के अपनी समस्याएं और शिकायतें समिति के समक्ष रख सकें और उनकी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो.

हेल्थ वर्कर और नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा भी जरूरी

सोसायटी की सचिव डॉ. निभा मोहन ने कहा कि अस्पतालों में महिला चिकित्सकों के साथ हेल्थ वर्कर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी भी कार्य करते हैं. इन सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होती है. इसके लिए स्पष्ट और प्रभावी नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि अस्पताल में काम करने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस कर सके. कार्यक्रम में डॉ. अमिता सिन्हा, डॉ. रंजना सिन्हा, डॉ. सुप्रिया जायसवाल, डॉ. अंजना सिन्हा, डॉ. जरीन सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थीं.


विज्ञापन
आनंद तिवारी

लेखक के बारे में

By आनंद तिवारी

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन