पटना सिटी में 290 मकानों पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, बोले- ‘जिसे जिताया, वही गर्दन काट रहा’
पटना सिटी में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते लोग
पटना सिटी के खाजेकला-कंगन घाट इलाके में 290 मकानों पर बुलडोजर चलने का खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. दशकों से रह रहे लोग अचानक बेघर होने की कगार पर हैं.
Patna Bulldozer Action : पटना सिटी के खाजेकला घाट और कंगन घाट के पास बसे करीब 290 मकानों और दुकानों पर अब बुलडोजर चलने का खतरा मंडरा रहा है. अंचल अधिकारियों की ओर से इन घरों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके बाद इलाके में माहौल गरमा गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं और जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि वे दशकों से यहां रह रहे हैं, ऐसे में अचानक नोटिस देकर उन्हें बेघर करने की तैयारी की जा रही है.

इलाके में विरोध का स्वर लगातार तेज हो रहा है. कंगन घाट के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. खासकर महिलाएं इस फैसले से बेहद आहत नजर आ रही हैं. कई महिलाएं रोते हुए अपने घर बचाने की गुहार लगा रही हैं, वहीं पुरुष भी सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. लोगों का साफ कहना है कि 60-70 साल से यहां रह रहे परिवारों को अब अचानक हटाने का फैसला अन्यायपूर्ण है.
"अब हम कहां जाएंगे" लोगों का दर्द
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब वे यहां बस रहे थे, तब किसी ने उन्हें नहीं रोका. अब अचानक उन्हें अवैध बताकर घर तोड़ने की बात कही जा रही है. कई परिवारों का कहना है कि उनके पास कहीं और रहने का कोई इंतजाम नहीं है. अगर घर टूटे तो वे सड़क पर आ जाएंगे. यही वजह है कि लोग हर हाल में अपने घर बचाने की मांग कर रहे हैं.

Patna News : प्रशासन की तैयारी, नोटिस के बाद बढ़ी हलचल
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि इन मकानों और दुकानों को हटाया जाएगा. करीब 290 निर्माणों को चिह्नित किया गया है, जिन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है. नोटिस मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. लोग अपने कागजात जुटाने में लगे हैं, जबकि कई परिवार डर और अनिश्चितता के बीच जी रहे हैं.
पहले भी चला था अतिक्रमण हटाने का अभियान
दरअसल, यह मामला नया नहीं है. गंगा किनारे भद्रघाट से लेकर कंगन घाट तक की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की योजना पहले से चल रही है. जिला प्रशासन ने इससे पहले भी इस इलाके में कार्रवाई की थी, जिसमें कई कच्चे और कुछ पक्के निर्माण हटाए गए थे. उस समय पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह अभियान तेज हुआ था.
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हालांकि, कुछ लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद तोड़फोड़ की प्रक्रिया पर रोक लग गई थी. लेकिन अब एक बार फिर यह मामला तेजी से आगे बढ़ा है.
5 अगस्त को सुनवाई, दस्तावेज दिखाने का मौका
जानकारी के अनुसार प्रशासन ने सभी प्रभावित लोगों को सुनवाई का मौका दिया था. अंचलाधिकारी की ओर से 5 अगस्त को सुबह 11 बजे से सुनवाई तय की गई. जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें अपने जमीन से जुड़े सभी कागजात पेश करने होंगे. सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करने की बात कही गई थी.
54 बाउंड्रीवाल पर भी प्रशासन की नजर
प्रशासन के अनुसार इस इलाके में 54 बाउंड्रीवाल भी बनाई गई हैं. हालांकि, इन्हें बनाने वालों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. ऐसे लोगों के लिए आम सूचना जारी की गई. उनसे भी सुनवाई के दिन उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद प्रशासन ने इस दिशा में फिर से कदम बढ़ाया है. बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 के तहत कार्रवाई की जा रही है. सुनवाई पूरी होने के बाद जिन निर्माणों को अवैध पाया जाएगा, उन पर बुलडोजर चलाया जा सकता है.
फिलहाल पटना सिटी का यह इलाका तनावपूर्ण स्थिति में है. एक तरफ प्रशासन अपनी कार्रवाई की तैयारी में है, तो दूसरी ओर लोग अपने आशियाने को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. आने वाले दिनों में यह मामला और भी गर्माने की संभावना है.
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