किसानों को खाद की खरीद पर मिलती है 4 हजार रुपये की बीमा राशि, जानें संकट हरण योजना का कैसे ले सकते हैं लाभ

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जागरुकता की कमी के कारण किसानों को कई योजनाओं की लाभ से वंचित रहना पड़ जाता है. लाखों किसान जागरुकता के अभाव में इफको द्वारा चलाई जा रही संकट हरण योजना से भी अंजान हैं. जिसमें खाद की खरीद पर मुफ्त बीमा लाभ मिलता है. किसानों के लिए यह बीमा राशि काफी मददगार साबित हो सकती है. कई किसानों ने बुरे दौर में इस योजना का लाभ लिया भी है लेकिन इस योजना के लाभ लेने से वंचित किसानों की तादाद भी काफी अधिक है. जानकारी के अभाव में अधिकतर किसानों को इसका लाभ नसीब नहीं हो पाता है.

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जागरुकता की कमी के कारण किसानों को कई योजनाओं की लाभ से वंचित रहना पड़ जाता है. लाखों किसान जागरुकता के अभाव में इफको द्वारा चलाई जा रही संकट हरण योजना से भी अंजान हैं. जिसमें खाद की खरीद पर मुफ्त बीमा लाभ मिलता है. किसानों के लिए यह बीमा राशि काफी मददगार साबित हो सकती है. कई किसानों ने बुरे दौर में इस योजना का लाभ लिया भी है लेकिन इस योजना के लाभ लेने से वंचित किसानों की तादाद भी काफी अधिक है. जानकारी के अभाव में अधिकतर किसानों को इसका लाभ नसीब नहीं हो पाता है.

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एक बोरी की खरीद पर चार हजार रुपये की बीमा

इफको किसानों के लिए संकट हरण योजना चलाती है. इसके तहत किसान इफको खाद की एक बोरी के खरीद पर चार हजार रुपये की बीमा के मुफ्त हकदार हो जाते हैं. यह योजना किसानों के लिए खाद की खरीद के एक साल के अंदर तक के लिए मान्य रहता है. यह सामान्य मामलों से इतर किसानों को दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में दिया जाता है. बिहार में इफको दो सौ से अधिक केंद्रों पर खाद बेचती है.जिसमें कंपनी के 52 तो डेढ सौ से अधिक केंद्र बिस्कोमान के हैं.

किन मामलों में मिलता है लाभ

सांप काटने, रेल या सड़क दुर्घटना का शिकार, पानी में डूबने, गैस सिलेंडर के फटने, जलने, किसी मशीन की चपेट में आने पर किसान या उसके द्वारा नामित उनके परिवार का कोई सदस्य इस बीमा राशि को लेने का हकदार होता है. सामान्य मामलों में मौत और आत्महत्या के मामले में इसका लाभ नहीं दिया जाता है. यह स्कीम किसानों को केवल इफको के कार्यालय से खरीदे गए बैग पर ही मिलती है. निजी कंपनियां इस तरह का लाभ खाद की खरीद पर किसानों को नहीं देती है.

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किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

किसानों को इफको से खाद खरीदते समय रशीद लेनी चाहिए. उन्हें रसीद में अपना या खरीददार का नाम, पिता, पति/पत्नी, पुत्र का नाम नामित के रुप में देना चाहिए. किसानों को रसीद लेते समय अपना पता, रसीद जारी करने की तिथि, खरीद रसीद पर इफको का ब्रांड और खरीदे गए खाद के बोरी की संख्या का उल्लेख जरुर सुनिश्चित कराना चाहिए. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किसानों को प्रति बोरी पर चार हजार रुपये की वार्षिक बीमा सहायता राशि इफको के द्वारा दी जाती है.एक किसान को अधिकतम 25 बोरी की खरीद पर एक लाख रुपये का बीमा लाभ मिल सकता है. किसानों के लिए संकट हरण योजना के लाभ से जुड़ी तथा News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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