Expressways In Bihar: 20 सालों में बिहार में बिछा सड़कों का जाल, अब भी बन रहे ये 5 एक्सप्रेस-वे और 11 नये पुल

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Expressways In Bihar: 20 सालों में बिहार में बिछा सड़कों का जाल, अब भी बन रहे ये 5 एक्सप्रेस-वे और 11 नये पुल

Expressways In Bihar: बिहार में पिछले 20 सालों में सड़कों का जाल बिछ गया. अब भी राज्य में 5 एक्सप्रेस-वे और 11 नये पुलों का निर्माण जारी है. अब वर्ष 2027 तक राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से राजधानी पटना चार घंटे में पहुंचने की योजना पर काम हो रहा है.

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Expressways In Bihar: (कृष्ण कुमार, पटना) बिहार में साल 2005 के बाद 20 साल में सड़कों और पुल-पुलियों का बड़े पैमाने पर विकास हुआ. अब राज्य में पांच एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अब साल 2027 तक राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से राजधानी पटना चार घंटे में पहुंचने की योजना पर काम हो रहा है. इसके साथ ही राज्य सरकर ने करीब 475 किमी लंबाई में दो हाइस्पीड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है. इसमें 250 किमी लंबाई में पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ हाइस्पीड कॉरिडोर और 225 किमी लंबाई में नारायणी-गंगा हाइस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर पहले छह घंटे और अब पांच घंटे में राज्य के दूर इलाकों से राजधानी पटना पहुंचने का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है. इससे राज्य में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हुई है. साथ ही आर्थिक विकास की रफ्तार भी बढ़ी है.

इतनी बढ़ी सड़कों की लंबाई

सूत्रों के अनुसार, एनएच में सिंगल लेन सड़कों की लंबाई 764 किमी से घटकर अब मात्र 186 किमी रह गयी है, वहीं दो लेन सड़कों की लंबाई 1,208 किमी से बढ़कर 3,278 किमी हो चुकी है. साथ ही, चार और छह लेन की कुल लंबाई अब 1,704 किमी तक पहुंच चुकी है. इसके साथ ही एसएच में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले केवल 52 किमी सड़कें दो लेन थीं, अब इनकी लंबाई बढ़कर 2,786 किमी हो चुकी है. सिंगल लेन की सड़कों की लंबाई घटकर 286 किमी और इंटरमीडिएट लेन सड़कों की लंबाई घटकर 292 किमी रह गई है. बड़े जिला सड़कों (एमडीआर) की श्रेणी में भी दो और चार लेन सड़कों की लंबाई में बढ़ोतरी हुई है.

2005 से पहले नहीं था एक भी एक्सप्रेस-वे, अब पांच बन रहे

राज्य में वर्ष 2005 से पहले एक भी एक्सप्रेस-वे नहीं था. अब राज्य सरकार के प्रयास और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद पांच प्रमुख एक्सप्रेस-वे की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसमें शामिल हैं…

408 किलोमीटर लंबा रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे
416 किलोमीटर लंबा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे
250 किलोमीटर लंबा पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे
300 किलोमीटर लंबा बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे
161 किलोमीटर लंबा वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे

NH, SH के साथ ग्रामीण सड़कों की लंबाई में बढ़ोतरी

बिहार में वर्ष 2001 तक एनएच की लंबाई करीब 3410 किमी थी. यह अब बढ़कर करीब 6147 किमी हो गयी है. ऐसे में इसमें करीब 2737 किमी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, 2001 में एसएच की लंबाई करीब 2383 किमी थी. यह अब करीब 3638 किमी हो गई है. ऐसे में इसमें करीब 1255 किमी की बढ़ोतरी हुई है. बड़ी जिला सड़कों की लंबाई 2005 में करीब 7739 किमी थी. इसकी लंबाई अब करीब 16 हजार 296 किमी हो गई है. इसमें करीब 8557 किमी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, ग्रामीण सड़कों की लंबाई 2001 में करीब 800 किमी थी, यह अब बढ़कर करीब एक लाख 17 हजार 913 किमी हो गई है. ऐसे में 20 साल में ग्रामीण सड़कों की लंबाई में करीब एक लाख 17 हजार 113 किमी की बढ़ोतरी हुई है. इन ग्रामीण सड़कों में राज्य सरकार की योजनाओं वाली सड़कों सहित केंद्र सरकार की योजनाओं वाली सड़कें भी शामिल हैं.

राज्य में पुलों का निर्माण

राज्य में गंगा, कोसी और सोन पर अगले कुछ सालों में नये पुलों का निर्माण पूरा हो जायेगा. इन सभी पुलों से होकर आवागमन शुरू होने से राज्य का आर्थिक और सांस्कृतिक विकास भी होगा. इन पुल परियोजनाओं में केंद्र सरकार की भागीदारी है.

गंगा नदी पर 11 नये पुलों से शुरू होगा आवागमन

गंगा नदी पर आने वाले समय में 11 नये बड़े पुलों से होकर आवागमन शुरू हो जायेगा. इनमें कई पुलों का काम अंतिम चरण में भी है. इन 11 पुलों में से छह पुल केवल पटना जिले में हैं. इन सभी पर आवागमन शुरू होने के बाद गंगा नदी पर पूरे बिहार में 18 पुल हो जाएंगे. वर्तमान में गंगा नदी पर सात पुल हैं.

पटना जिले में गंगा नदी पर इन छह पुलों से होगा आवागमन शुरू

पटना जिले में गंगा नदी पर छह पुलों से आने वाले समय में आवागमन शुरू होगा. इसमें सबसे पहला नाम मोकामा के राजेंद्र सेतु के समानांतर बनकर तैयार औंटा-सिमरिया छह लेन पुल का है. इस पर अनौपचारिक आवागमन शुरू हो चुका है. इसके अलावा सारण के दिघवारा से पटना के शेरपुर के बीच भी गंगा नदी पर छह लेन के पुल का निर्माण शुरू हुआ है. इस पुल को पटना रिंग रोड से भी संपर्कता मिलेगी. इसके साथ ही पटना स्थित जेपी सेतु के समानांतर नया छह लेन पुल, महात्मा गांधी सेतु के समानांतर फोरलेन पुल, कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच छह लेन पुल, बख्तियारपुर से ताजपुर के बीच फोरलेन पुल का निर्माण शामिल है.

अन्य जिलों में इन पांच पुलों का भी हो रहा निर्माण

इसमें भागलपुर के कहलगांव में फोरलेन पुल, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के मार्गरेखन पर बेगूसराय के मटिहानी से साम्हो के बीच छह लेन का पुल शामिल है. भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल, अगुवानी घाट से सुल्तानगंज के बीच फोरलेन पुल और साहेबगंज से मनिहारी के बीच फोरलेन पुल शामिल है.

गंगा नदी पर वर्तमान में सात पुल

राज्य में गंगा नदी पर वर्तमान में सात पुल हैं. इनमें बक्सर में दो लेन का पुल, आरा-छपरा के बीच फोर लेन पुल, दीघा-सोनपुर के बीच दो लेन का पुल, महात्मा गांधी सेतु, दो लेन का राजेंद्र सेतु, मुंगेर में रेल सह सड़क पुल और भागलपुर में दो लेन का विक्रमशिला सेतु शामिल हैं.

कोसी नदी पर दो पुलों का हो रहा निर्माण

कोसी नदी पर दो लेन पुल एनएच 527ए पर मधुबनी के भेजा और सुपौल के बकौर के बीच पुल बन रहा है. साथ ही कोसी नदी के एनएच-106 पर फोरलेन फुलौत पुल का भी निर्माण चल रहा है.

सोन नदी पर दो बड़े पुलों का होगा निर्माण

सोन नदी पर दो बड़े पुलों का निर्माण होगा. इसमें पंडुका पुल और बिंदौल से कोशीहान के बीच बनने वाला पुल शामिल है. पंडुका घाट पुल का निर्माण शुरू हो चुका है, वहीं बिंदौल-कोशीहाल पुल की निर्माण प्रक्रिया शुरू की गई है. इससे पहले सोन नदी पर पांच बड़े पुल बन चुके हैं जिनसे होकर आवागमन हो रहा है. इन दो नये पुलों के बनने से सोन नदी पर पुलों की संख्या सात हो जायेगी.

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प्रीति दयाल

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By प्रीति दयाल

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं.

प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा.

पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.

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प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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