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बाग उत्थान योजना से मिलेगा प्रवासी श्रमिकों को रोजगार,18 जिलों के किसानों को भी योजना का मिलेगा लाभ...

Updated at : 14 Sep 2020 8:20 AM (IST)
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बाग उत्थान योजना से मिलेगा प्रवासी श्रमिकों को रोजगार,18 जिलों के किसानों को भी योजना का मिलेगा लाभ...

पटना़: प्रवासी श्रमिकों को बाग उत्थान योजना के जरिये रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. विभिन्न योजनाओं से जोड़कर बाग उत्थान योजना बनायी गयी है. यह योजना स्वीकृति की प्रक्रिया में है, जल्दी ही इसे कार्यान्वित किया जायेगा. कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने रविवार को बताया कि इस योजना में 10 वर्ष या इसके ऊपर के फलदार वृक्ष, आम एवं लीची निजी क्षेत्र एवं सरकारी नर्सरियों में स्थित वृक्षों का प्रबंधन कराया जायेगा.

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पटना़: प्रवासी श्रमिकों को बाग उत्थान योजना के जरिये रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. विभिन्न योजनाओं से जोड़कर बाग उत्थान योजना बनायी गयी है. यह योजना स्वीकृति की प्रक्रिया में है, जल्दी ही इसे कार्यान्वित किया जायेगा. कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने रविवार को बताया कि इस योजना में 10 वर्ष या इसके ऊपर के फलदार वृक्ष, आम एवं लीची निजी क्षेत्र एवं सरकारी नर्सरियों में स्थित वृक्षों का प्रबंधन कराया जायेगा.

योजना में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र को शामिल किया गया

यानि श्रमिकों को चूना, कीटनाशी एवं फफूंदनाशी के साथ पुताई, छत्रक प्रबंधन, पोषक तत्त्वों का प्रयोग एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति लगाने का कार्य किया जायेगा. योजना में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र को शामिल किया गया है. मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, भागलपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, बांका, पूर्णियां, कटिहार, शिवहर, सहरसा, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल एवं अररिया जिलों के निजी क्षेत्र को भी इस योजना में शामिल किया गया है. सार्वजनिक क्षेत्र में उद्यान निदेशालय के बाग एवं प्रखंड उद्यान नर्सरियों के फलदार वृक्षों का प्रबंधन किया जायेगा.

यह है लक्ष्य

कुल 18 जिलों के 15 लाख आम- लीची के पेड़ों के चारों ओर थाला निर्माण एवं पुताई का लक्ष्य निर्धारित है तथा सर्वाजनिक क्षेत्र के 25 जिलों के कुल 9,933 सरकारी नर्सरियों के अधीनस्थ मातृ-वृक्षों का प्रबंधन किया जायेगा. आम एवं लीची के पेड़ों- मातृ-वृक्षों के चारों ओर 1.5 मीटर की गोलाई में 30 सेंटीमीटर चैड़ा एवं 20-25 सेंटीमीटर थाला निर्माण, पेड़ के स्तम्भ में जमीन से एक मीटर ऊंचाई तक चूना, कीटनाशी एवं फफूँदनाशी के घोल से पुताई, मातृ-वृक्षों में छत्रक प्रबंधन एवं पोषक तत्वों का प्रयोग कराकर कृषि से जुड़े श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा.

किसानों को मिलेगा 65 रुपये सहायता अनुदान

कृषि मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र में किसानों को कुल 65 रुपये सहायता अनुदान दिया जायेगा. थाला निर्माण पर प्रति पेड़ 100 और पुताई के लिये प्रति पेड़ 30 रुपये की लागत आयेगी. इसका 50 फीसदी यानि प्रति पेड़ की दर से 65 रुपये अनुदान राशि किसान के खाते में भेज दी जायेगी.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

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