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चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: बिहार के छूटे वोटरों को मिलेगा दूसरा मौका, इस दिन से कर सकते हैं आवेदन

Updated at : 24 Jul 2025 5:51 PM (IST)
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Bihar Voter List Revision

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Voter List Revision: बिहार में चल रहे विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर जारी विरोध और भ्रम के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा बयान दिया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें 1 अगस्त से 1 सितंबर तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का फिर से मौका मिलेगा.

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Bihar Voter List Revision: बिहार में विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर पटना से दिल्ली तक सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. राजनीतिक दलों के विरोध और आम नागरिकों की चिंता के बीच अब भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम इस अभियान में वोटर लिस्ट से छूट गए हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने का पूरा मौका मिलेगा.

1 सितंबर तक चलेगा वोटर लिस्ट में संशोधन का काम

आयोग ने साफ किया कि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक एक महीने की अवधि के दौरान कोई भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल वोटर लिस्ट में संशोधन करा सकता है. इस दौरान छूटे हुए नामों को जोड़ने और गलत तरीके से शामिल हुए नामों को हटाने की प्रक्रिया चलाई जाएगी. इसके लिए फॉर्म-6 भरकर संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा.

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 1 अगस्त को होगी जारी

चुनाव आयोग के अनुसार, SIR अभियान के प्रथम चरण के पूरा होने के बाद 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी. यदि किसी पात्र मतदाता का नाम इस सूची में नहीं है, या उसमें कोई गलती है, तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO या AERO के समक्ष 1 सितंबर तक आपत्ति या दावा दायर किया जा सकता है.

52 लाख मतदाता नहीं मिले, 18 लाख की हो चुकी है मृत्यु

SIR अभियान के तहत घर-घर जाकर की जा रही जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. अब तक 52 लाख से अधिक मतदाता अपने पते पर नहीं मिले जबकि 18 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है. इस प्रक्रिया में कुल 98.01% मतदाताओं के फॉर्म जमा हो चुके हैं, लेकिन 15 लाख फॉर्म अब तक वापस नहीं आए हैं.

अस्थायी रूप से बाहर रह रहे मतदाताओं के लिए भी सुविधा

राज्य से बाहर रह रहे, लेकिन किसी अन्य स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं बिहारवासियों को आयोग ने एक विशेष फॉर्म उपलब्ध कराया है, जिसे ऑनलाइन भरा जा सकता है. ऐसे मतदाताओं के नाम भी प्रारंभिक सूची में जोड़े जाएंगे. चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही है कि SIR अभियान को लेकर फैले भ्रम और नाराजगी में कुछ कमी आएगी.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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