नितिन नबीन का पहला टारगेट बंगाल, क्या ममता के गढ़ में लगा पाएंगे सेंध? जानिए BJP का प्लान
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 20 Jan 2026 4:31 PM
नितिन नबीन के साथ प्रधानमंत्री मोदी
Nitin Nabin BJP President: बीजेपी ने संगठन में बड़ा दांव चलते हुए 45 वर्षीय नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है. एक्सपर्ट इसे बंगाल चुनाव के लिए मास्टर स्ट्रोक मान रहे है. इस खबर में पढ़िए BJP कैसे दे सकती है ममता को चुनौती...
Nitin Nabin BJP President: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के स्तर पर बड़ा और सोचा-समझा फैसला लिया है. 45 साल के नितिन नबीन को बीजेपी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में इसकी औपचारिक घोषणा की गई. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद नितिन नबीन का माला पहनाकर स्वागत किया. दिलचस्प बात यह है कि 45 साल की बीजेपी की कमान अब 45 साल के युवा नेता को सौंपी गई है.
पॉलिटिकल एक्सपर्ट इस नियुक्ति को “मास्टर स्ट्रोक” मान रहे हैं. वजह साफ है- बीजेपी के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव है. नितिन नबीन कायस्थ समाज से आते हैं. बंगाल की पॉलिटिक्स और कल्चर में कायस्थ समुदाय का दशकों से प्रभाव रहा है. यही कारण है कि बीजेपी का यह दांव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाना अमित शाह की रणनीति?
बिहार और बंगाल के बीच सांस्कृतिक समानताएं (Cultural Similarities) किसी से छिपी नहीं हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि नितिन नबीन की नियुक्ति अमित शाह की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें बंगाल को “अगला बड़ा युद्धक्षेत्र” माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में घुसपैठ का मुद्दा उठाया, जो बंगाल चुनाव में बीजेपी का बड़ा एजेंडा माना जा रहा है.
बंगाल में 37 साल तक रहे हैं कायस्थ मुख्यमंत्री
कायस्थ फैक्टर भी इस फैसले को मजबूत बनाता है. बंगाल में कायस्थ आबादी 3 फीसदी से ज्यादा है और यह वर्ग चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की ताकत रखता है. इतिहास भी इसकी गवाही देता है. बंगाल में 37 साल तक कायस्थ मुख्यमंत्री रहे हैं. कांग्रेस के विधानचंद्र राय 14 साल और वामपंथी नेता ज्योति बसु 23 साल तक मुख्यमंत्री रहे.
बीजेपी ने ऐसे नेता को अध्यक्ष बनाया है, जिसे बंगाल की राजनीतिक नब्ज की अच्छी समझ है. पार्टी ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का पूरा फायदा उठाना चाहती है. नितिन नबीन की छवि एक साफ-सुथरे और संगठनात्मक नेता की है, जो इस रणनीति में फिट बैठती है.
2016 में बीजेपी को मिली थीं सिर्फ 3 सीटें
बीजेपी का बंगाल में सफर तेजी से बढ़ा है. 2016 में पार्टी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं. 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 77 सीटों तक पहुंच गया. बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए. बीजेपी अब सवर्ण समाज और फॉरवर्ड कम्युनिटी को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है.
किस वर्ग के वोटरों को साध सकते हैं नितिन नबीन?
नितिन नबीन 2021 के बंगाल चुनाव में एक्टिव भूमिका निभा चुके हैं. वे बिहारी, नॉन-बंगाली, हिंदी भाषी वोटरों के साथ-साथ बंगाली फॉरवर्ड वर्ग को भी साध सकते हैं. कायस्थ समुदाय में ममता सरकार को लेकर नाराजगी बताई जा रही है, जिसका फायदा बीजेपी उठाना चाहती है. नितिन नबीन का RSS बैकग्राउंड भी पार्टी के लिए ताकत है. वे संगठन के कोर कैडर रहे हैं. इसका लाभ ग्राउंड लेवल पर बीजेपी को मिल सकता है.
क्या कहते हैं पॉलिटिकल एक्सपर्ट?
पॉलिटिकल एक्सपर्ट मिथिलेश कुमार का कहना है कि नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने बंगाल में “बड़ी मछली” पकड़ने की कोशिश की है. वे छत्तीसगढ़ में प्रभारी रहे, जहां 2018 में 15 सीटों वाली बीजेपी ने 2023 में 54 सीटें जीत लीं. बिहार चुनाव में भी वे स्टार प्रचारक रहे और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी. अब साफ है- बीजेपी का अगला बड़ा मिशन बंगाल है और नितिन नबीन इस मिशन के सबसे अहम चेहरे बनकर सामने आए हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










