स्पेशल पास से बेटे-बेटी को कोटा से नवादा लेकर आये बीजेपी विधायक, सियासत तेज

Published by :Kaushal Kishor
Published at :20 Apr 2020 11:09 AM (IST)
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स्पेशल पास से बेटे-बेटी को कोटा से नवादा लेकर आये बीजेपी विधायक, सियासत तेज

एक तरफ कोटा में फंसे करीब पांच हजार से अधिक बिहारी स्टूडेंट्स घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं. राज्य सरकार लॉकडाउन का हवाला देकर उन्हें लाने की इजाजत नहीं दे रही है. वहीं, दूसरी तरफ रविवार को नवादा के हिसुआ के भाजपा विधायक अनिल सिंह द्वारा स्पेशल पास के आधार पर लॉकडाउन में अपने बेटे-बेटी को कोटा से वापस लाने पर सियासत तेज हो गयी है. स्पेशल पास की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

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पटना : एक तरफ कोटा में फंसे करीब पांच हजार से अधिक बिहारी स्टूडेंट्स घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं. राज्य सरकार लॉकडाउन का हवाला देकर उन्हें लाने की इजाजत नहीं दे रही है. वहीं, दूसरी तरफ रविवार को नवादा के हिसुआ के भाजपा विधायक अनिल सिंह द्वारा स्पेशल पास के आधार पर लॉकडाउन में अपने बेटे-बेटी को कोटा से वापस लाने पर सियासत तेज हो गयी है. स्पेशल पास की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

हिसुआ विधायक द्वारा 16 अप्रैल से लेकर 25 अप्रैल तक लॉकडाउन अवधि में कोटा में फंसे अपने बेटे, बेटी व बेटे के कुछ दोस्तों को वहां से नवादा लाने के मामले में राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता मदन मोहन झा से लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने सवाल उठाये हैं. वहीं, जवाब में विधायक अनिल सिंह ने कहा है कि कोटा में मेरी बेटी बहुत परेशान थी. इस कारण उसे लाना पड़ा. मैं पहले पिता हूं, इसके बाद विधायक. विधायक के बयान के बाद कोटा में फंसे स्टूडेंट्स ने ट्विटर पर नाराजगी जाहिर की है. कई बिहारी छात्रों ने लिखा है कि बेटा-बेटी दोनों कोटा में थे और विधायक के साथ कई अन्य छात्र भी कोटा से बिहार गये हैं. कई छात्रों ने मुख्यमंत्री को टैग कर आम छात्रों को भी घर वापस बुलाने की मांग की है.

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आखिर कैसे मिली अनुमति

नवादा जिला प्रशासन की ओर से 15 अप्रैल को विशेष पास विधायक को जारी किया गया था, जबकि उसी समय सैकड़ों स्टूडेंट्स कोटा प्रशासन से पास लेकर बिहार सीमा पर प्रवेश कर रहे थे, तब उन्हें रोका गया था. बाद में उन्हें घर जाने की अनुमति इस शर्त पर दी थी कि उन्हें होम क्वारेंटिन में रखा जायेगा, जबकि इस आदेश के दो दिन पहले ही 13 अप्रैल को बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने एक पत्र लिखकर केंद्रीय गृह सचिव को इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था. ऐसे में भाजपा विधायक को कैसे अनुमति मिल गयी.

गाड़ी अंडर सेक्रेटरी के नाम से

जारी पास में वाहन के नंबर का भी जिक्र किया गया है. जारी नंबर BR01PJ0484 अंडर सेक्रेटरी नाम से वेबसाइट पर दिख रहा है. ऑनर नेम में अंडर सेक्रेटरी लिखा हुआ है. नवादा सदर एसडीओ के आदेश में लिखा गया है कि विधायक अनिल सिंह के वाहन परिचालन की अनुमति लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए इस शर्त के साथ आदेश दिया जाता है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नवादा जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देश का अक्षरशः अनुपालन करेंगे. अगर, इन कार्यों के अलावा अन्य कार्यों में वाहन लगा हुआ तो उसे जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

विधायक ने दी सफाई

इस घटना पर विधायक अनिल सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सफाई दी है. इसमें उन्होंने कहा है कि कोटा जाने को लेकर कई पोस्ट और बयान गलत चलाये जा रहे हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि वह कोटा गये और लौटे हैं, लेकिन लॉकडाउन में केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत मेडिकल समेत कई विशेष इमरजेंसी वाली परिस्थिति में जिला प्रशासन से आने-जाने के लिए अनुमति दी गयी थी. निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही बकायदा प्रशासनिक अनुमति लेकर कोटा गये और आये हैं. इसमें किसी लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है.

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