भारत को श्रेष्ठ बनाना है, तो बिहार को भी श्रेष्ठ बनाना पड़ेगा

Updated at : 11 Apr 2025 12:59 AM (IST)
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भारत को श्रेष्ठ बनाना है, तो बिहार को भी श्रेष्ठ बनाना पड़ेगा

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि भारत को श्रेष्ठ बनना है, तो बिहार को भी श्रेष्ठ बनाना पड़ेगा. सम्राट चौधरी ने कहा कि हमलोग को गौरव है कि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार में हुआ.

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संवाददाता,पटना

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि भारत को श्रेष्ठ बनना है, तो बिहार को भी श्रेष्ठ बनाना पड़ेगा. सम्राट चौधरी ने कहा कि हमलोग को गौरव है कि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार में हुआ. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्थापित किया गया है. श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री से बात करके बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की. बापू सभागार में गुरुवार को दिनकर शोध संस्थान के पांचवें वार्षिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में बिहार के कोने-कोने से लोग उपस्थित हुए. कार्यक्रम में शिक्षाविद् शैलेंद्र कुमार झा को दिनकर विद्यासागर सम्मान से सम्मानित किया गया.

दिनकर उच्च कोटि के राजनीतिज्ञ भी थे: दिलीप जायसवाल: इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दिनकर की अनेक कालजयी रचनाओं को उद्धृत करते हुए कहा कि वे राष्ट्रवादी चेतना के एक उत्कृष्ट कवि ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के राजनीतिज्ञ भी थे.

दिनकर की कविताएं सभी को लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित करती हैं : नित्यानंद

इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की साहित्य देश के हर वर्ग को जोड़ती है. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग हमेशा अपनी लक्ष्य के लिए जीते है, देश के लिए जीते है. दिनकर की कविताएं सभी को लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित करती है.उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि दिनकर की ओजस्वी कविताएं स्वाधीनता आंदोलन में क्रांतिकारियों में जोश भरती रहीं.

इमरजेंसी में दिनकर की कविता आंदोलन का मूल मंत्र थी : नंद किशोर

मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि आपातकाल के विरोध में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में गांधी मैदान से आंदोलन का शंखनाद हुआ था तब दिनकर की रचना ””””सिंहासन खाली करो कि जनता आती है”””” आंदोलन का मूलमंत्र बन गया था. मंगल पांडे ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की कविताएं युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति भावना जागृत करने का कार्य करती थीं.

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