Bihar Defence Corridor : ड्रोन से लेकर AK-47 मेन्यूफेक्चर करेगा बिहार, करियर बनाना है तो अभी से इन क्षेत्रों के लिए हो जाएं तैयार

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Bihar Defence Corridor: बिहार में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क बनाने की तैयारी हो रही है. जल्द ही बिहार में हथियार और इलेक्ट्रॉनिक चिप भी बनेंगे. पहली बार बिहार सीधे देश की सुरक्षा और टेक्नोलॉजी में बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है.
Bihar Defence Corridor: केंद्र सरकार भारत को रक्षा और हाई-टेक तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन पर काम कर रही है. इसी मिशन में अब बिहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है. रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए देश में डिफेंस कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं और अब इस दिशा में बिहार को शामिल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसके साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत बिहार में सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित किए जाने की संभावना भी है.
क्या होता है डिफेंस कॉरिडोर (What is Defence Corridor)
डिफेंस कॉरिडोर का मतलब ऐसा औद्योगिक क्षेत्र होता है जहां हथियार, सैन्य उपकरण (Military Equipment), ड्रोन, यूनिफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और सेना से जुड़े लगभग हर तरह के सामान बनाए जाते हैं. अब तक केवल कुछ राज्यों तक ही भारत का रक्षा निर्माण सीमित था, लेकिन बदलते समय और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बिहार को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाना एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय होगा.
यदि यह कॉरिडोर बिहार में बनता है तो राज्य में ना केवल बड़े हथियारों का निर्माण होगा, बल्कि हल्के एयरक्राफ्ट से लेकर AK-47, कार्बाइन, स्नाइपर राइफल, पिस्टल और सैन्य यूनिफॉर्म तक के उत्पादन की फैक्ट्रियां खुल सकेंगी. इससे बिहार पहली बार कंज्यूमर स्टेट से प्रोडूसर स्टेट की श्रेणी में आ जायेगा.
बिहार के पास बड़ा अवसर
भारत ने वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है, जो वर्तमान स्थिति से दोगुने से भी अधिक है. ऐसे समय में बिहार के पास यह अवसर है कि वह इस तेजी से बढ़ते राष्ट्रीय रक्षा बाजार का हिस्सा बने. यह प्रोजेक्ट न केवल राज्य में निवेश लाएगी, बल्कि उद्योगों के माध्यम से लोकल इकॉनमी को भी मजबूत करेगी. बिहार की इंडस्ट्रियल इमेज में भी बड़ा बदलाव आएगा और नई कंपनियों के आने से रोजगार, तकनीक और ट्रेनिंग के बड़े अवसर बनेंगे.
बिहार के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
डिफेंस कॉरिडोर के बन जाने से बिहार में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा. हथियार प्रोडक्शन, मशीन प्रोडक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम, कंपोनेंट प्रोडक्शन और तकनीकी सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर बनेंगे.
इसके अलावा तकनीक और रिसर्च का नया युग भी बिहार में शुरू हो सकता है. ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, एविएशन पार्ट्स और नई पीढ़ी की मिलिट्री टेक्नोलॉजी के लिए रिसर्च सेंटर खुलने की संभावना है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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