Bihar School: शिक्षा विभाग का नया ऑर्डर, सरकारी स्कूलों में अब इनकी खैर नहीं

Edited by Ashish Jha
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Bihar School: अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारियों को भी आदेश दिया है कि अगले सप्ताह तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के आंकड़ों की एंट्री का कार्य पूरा कराएं.

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Bihar School: पटना. शिक्षा विभाग की ओर से नया ऑर्डर जारी हुआ है. स्कूलों में दोहरे नामांकन वाले छात्र-छात्राओं की जांच होगी. सरकारी स्कूलों में दोहरे नामाकंन करनेवाले प्रधानाध्यापकों की भी अब खैर नहीं है. दोहरे नामांकन लेने वाले प्रधानाध्यापकों पर भी कार्रवाई होगी. बिहार के सरकारी विद्यालयों में ऐसे छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर नाम काटे जाएंगे, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए केवल नामांकन करा रखा है और पढ़ाई निजी विद्यालयों में कर रहे हैं.

हर बच्चे का आधार पोर्टल पर हो दर्ज

शिक्षा विभाग ने यह आदेश इस बात की जानकारी के लिए दिया कि कोई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने मात्र के लिए तो नहीं सरकारी स्कूलों में नामाकंन करा रखा है. इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से छात्र-छात्राओं को साइकिल एवं पोशाक सहित अन्य योजनाओं की दी जाने वाली राशि अब आधार से लिंक करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड को अनिवार्य करते हुए उसे ई-शिक्षाकोष पोर्टल से लिंक करना आवश्यक कर दिया है. पिछले शैक्षिक सत्र 2023-24 में सरकारी विद्यालयों में नामांकित रह कर बिना किसी सूचना के लगातार अनुपस्थित चल रहे कक्षा पहली से से 12वीं तक के 24 लाख छात्र-छात्राओं के नाम काटे गए थे.

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सभी छात्रों के आंकड़े होंगे अपलोड

राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले पहली से बारहवीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्राओं के आंकड़े ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड कराये जा रहे हैं. इसके लिए छात्र-छात्राओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है. यानी, ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उन्हीं छात्र-छात्राओं के आंकड़ों की इंट्री होगी, जिनके आधार कार्ड होंगे. इसके लिए छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड अभियान चला कर बनवाये जा रहे हैं. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. एस सिद्धार्थ ने जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि छात्र-छात्राओं को आधार कार्ड बनवाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जिलों में छात्र-छात्राओं के जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने में प्राथमिकता दें. अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारियों को भी आदेश दिया है कि अगले सप्ताह तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के आंकड़ों की एंट्री का कार्य पूरा कराएं.

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योजनाओं का लाभ लेने को आधार हुआ अनिवार्य

राज्य सरकार द्वारा पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के पोशाक योजना लागू है. नौवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के लिए भी पोशाक योजना संचालित है. नौवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए साइकिल योजना लागू है. सातवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के लिए नैपकिन योजना लागू है. इसके साथ छात्रवृत्ति समेत कई और योजनाएं चल रही हैं. इन योजनाओं की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं के खाते में हस्तांतरित की जाती है. इन योजनाओं की राशि लेने के लिए निजी विद्यालयों में पढ़ने वालें छात्र-छात्राओं के भी नाम उनके अभिभावकों द्वारा सरकारी स्कूलों में लिखा दिया जाता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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