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बिहार अब बनेगा 'हथियारों का हब'! इन 5 जिलों में विकसित होगा ऑर्डिनेंस कॉरिडोर, जानें निर्माण की लागत

Updated at : 23 Jun 2025 5:22 PM (IST)
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Bihar now become 'hub of weapons'! Ordnance corridor developed in these 5 districts

Ordnance factory (सांकेतिक फोटो)

Bihar News: बिहार अब हर क्षेत्र में विकसित हो रहा है. इसी क्रम में अब बिहार 'हथियारों का हब' भी बनने वाला है. दरअसल, बिहार के 5 जिलों में ऑर्डिनेंस कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. जिससे जिले का विकास तो होगा ही लेकिन साथ में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे.

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Bihar News: बिहार अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में अब बिहार की पहचान ‘हथियारों का हब’ के रूप में होगा. बिहार में अब आधुनिक हथियारों का निर्माण किया जाएगा. दरअसल, राज्य में ‘ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कॉरिडोर’ को विकसित किया जाएगा, जिससे बिहार का नाम तो होगा ही लेकिन साथ में भारत की रक्षा ताकत को नई उड़ान भी देगा. ऑर्डिनेंस कॉरिडोर के जरिये गोला-बारूद, रॉकेट लॉन्चर, अत्याधुनिक हथियारें, मशीनगन के अलावा कई चाजों का निर्माण किया जाएगा. याद दिला दें कि, वर्तमान में बिहार के नालंदा में बाय मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम का निर्माण किया जाता है.

इन 5 जिलों में होगा विकसित…

जानकारी के मुताबिक, बिहार के अरवल, जमुई, मुंगेर, बांका और कैमूर में ऑर्डिनेंस कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इसके अलावा शेखपुरा, भागलपुर, सारण और मुजफ्फरपुर को भी चिह्नित किया गया है. वहीं, लागत की बात की जाए तो, करीब 1500 करोड़ की राशि खर्च होने की बात सामने आई है. तो वहीं, उसमें बनने वाले हथियार की कीमत उसके निर्माण में आने वाली लागत से तय होगी. खबर के मुताबिक, उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को प्रस्ताव भेजा गया है. बता दें कि, जिस जिले में फैक्ट्री बनेगी, उस जिले का आर्थिक विकास भी होगा.

इस तरह से मिलेगा फायदा…

इसके अलावा बिहार को होने वाले फायदे की बात की जाए तो, जिस जिले में फैक्ट्री स्थापित होगी, उसके आस-पास के जिले का भी विकास होगा. इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के बाद प्राथमिक स्तर पर स्वीकृति मिली है. इसके साथ ही यहां से हथियारों को दूसरे जगहों पर आसानी से भेजा जा सकता है. बता दें कि, बिहार की सीमा से 3 राज्य की सीमा जुड़ती है. इसके अलावा नेपाल बॉर्डर भी है. ऐसे में आस-पास के राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों में भी आसानी से हथियारों को भेजा जा सकेगा. बिहार के विकास में यह बड़ा फैसला माना जा रहा है.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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