बिहार अब बनेगा 'हथियारों का हब'! इन 5 जिलों में विकसित होगा ऑर्डिनेंस कॉरिडोर, जानें निर्माण की लागत

Edited by Preeti Dayal
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Ordnance factory (सांकेतिक फोटो)

Bihar News: बिहार अब हर क्षेत्र में विकसित हो रहा है. इसी क्रम में अब बिहार 'हथियारों का हब' भी बनने वाला है. दरअसल, बिहार के 5 जिलों में ऑर्डिनेंस कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. जिससे जिले का विकास तो होगा ही लेकिन साथ में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे.

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Bihar News: बिहार अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में अब बिहार की पहचान ‘हथियारों का हब’ के रूप में होगा. बिहार में अब आधुनिक हथियारों का निर्माण किया जाएगा. दरअसल, राज्य में ‘ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कॉरिडोर’ को विकसित किया जाएगा, जिससे बिहार का नाम तो होगा ही लेकिन साथ में भारत की रक्षा ताकत को नई उड़ान भी देगा. ऑर्डिनेंस कॉरिडोर के जरिये गोला-बारूद, रॉकेट लॉन्चर, अत्याधुनिक हथियारें, मशीनगन के अलावा कई चाजों का निर्माण किया जाएगा. याद दिला दें कि, वर्तमान में बिहार के नालंदा में बाय मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम का निर्माण किया जाता है.

इन 5 जिलों में होगा विकसित…

जानकारी के मुताबिक, बिहार के अरवल, जमुई, मुंगेर, बांका और कैमूर में ऑर्डिनेंस कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इसके अलावा शेखपुरा, भागलपुर, सारण और मुजफ्फरपुर को भी चिह्नित किया गया है. वहीं, लागत की बात की जाए तो, करीब 1500 करोड़ की राशि खर्च होने की बात सामने आई है. तो वहीं, उसमें बनने वाले हथियार की कीमत उसके निर्माण में आने वाली लागत से तय होगी. खबर के मुताबिक, उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को प्रस्ताव भेजा गया है. बता दें कि, जिस जिले में फैक्ट्री बनेगी, उस जिले का आर्थिक विकास भी होगा.

इस तरह से मिलेगा फायदा…

इसके अलावा बिहार को होने वाले फायदे की बात की जाए तो, जिस जिले में फैक्ट्री स्थापित होगी, उसके आस-पास के जिले का भी विकास होगा. इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के बाद प्राथमिक स्तर पर स्वीकृति मिली है. इसके साथ ही यहां से हथियारों को दूसरे जगहों पर आसानी से भेजा जा सकता है. बता दें कि, बिहार की सीमा से 3 राज्य की सीमा जुड़ती है. इसके अलावा नेपाल बॉर्डर भी है. ऐसे में आस-पास के राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों में भी आसानी से हथियारों को भेजा जा सकेगा. बिहार के विकास में यह बड़ा फैसला माना जा रहा है.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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