2005 से पहले अफ्रीकी देशों से भी खराब थी बिहार की हालत : सुशील मोदी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 22 Sep 2020 7:48 PM
पटना : बिहार सरकार के सात विभागों की अनेक योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास के लिए आयोजित वचुअल समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2005 के पहले बिहार की हालत अफ्रीकी देशों से भी ज्यादा खराब थी. लोग बिहारी कहलाने में शर्म महसूस करते थे और अपनी पहचान छुपाते थे. बड़ी मुश्किल से उस अंधेरी सुरंग से आज बिहार को निकाल कर यहां तक लाया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह से बिहार की मदद कर रहे हैं, वैसे में अब बिहार का विकास कभी रूकेगा नहीं. आज कोरोना, चमकी बुखारसे लेकर सड़क, बिजली, पानी के साथ ही बाहर से आए मजदूर और बाढ़ को भी विपक्ष मुद्दा नहीं बना पा रहा है.
पटना : बिहार सरकार के सात विभागों की अनेक योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास के लिए आयोजित वचुअल समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2005 के पहले बिहार की हालत अफ्रीकी देशों से भी ज्यादा खराब थी. लोग बिहारी कहलाने में शर्म महसूस करते थे और अपनी पहचान छुपाते थे. बड़ी मुश्किल से उस अंधेरी सुरंग से आज बिहार को निकाल कर यहां तक लाया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह से बिहार की मदद कर रहे हैं, वैसे में अब बिहार का विकास कभी रूकेगा नहीं. आज कोरोना, चमकी बुखारसे लेकर सड़क, बिजली, पानी के साथ ही बाहर से आए मजदूर और बाढ़ को भी विपक्ष मुद्दा नहीं बना पा रहा है.
सुशील मोदी ने कहा कि शुरुआत में विपक्ष ने कोरोना को मुद्दा बनाने का प्रयास किया, मगर आज प्रतिदिन डेढ़ लाख से ज्यादा जांच हो रही है, एम्स सहित अन्य अस्पतालों में बेड खाली पड़े हैं. सरकार की सजगता की वजह से ही इस साल चमकी बुखार से बड़ी संख्या में बच्चों की जान बचाई जा सकी है. 15 लाख से ज्यादा मजदूरों को ट्रेन से उनके घरों तक पहुंचाया गया, उन्हें 8 महीने का मुफ्त अनाज दिया जा रहा है. 20 लाख बाढ़ पीड़ितों को उनके खाते में 6-6 हजार रुपये भेजे गए हैं.
इको टूरिज्म के नए स्थल के तौर पर जिस बेहतर ढंग से करकटगढ़, तुतला भवानी और वाल्मीकिनगर आदि का विकास किया गया है, वह कल्पना से परे हैं. मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अगर आगे मौका मिलता है तो वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में मंत्रिपरिषद की पहली बैठक जरूर आयोजित की जाए ताकि पूरे देश का ध्यान आकृष्ट हो. पटना में जिस राष्ट्रीय डाल्फिन शोध संस्थान का शिलान्यास किया जा रहा है वह भारत का ही नहीं बल्कि एशिया का पहला संस्थान होगा.
Upload By Samir Kumar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










