Bihar Elections 2025: वीआइपी मूवमेंट से लेकर एयरपोर्ट तक, सुरक्षा का जाल सख्त

Bihar Election Security
Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्यभर में सुरक्षा का दायरा पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है. वीआइपी नेताओं की आवाजाही हो या भीड़-भाड़ वाले इलाके, हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों में अर्द्धसैनिक बल तैनात हैं, जबकि ड्रोन सर्विलांस और केंद्रीय कंट्रोल रूम चुनावी सुरक्षा की रीढ़ बने हैं. प्रशासन का लक्ष्य साफ है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और सभी सम्मानित व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना.
Bihar Elections 2025: राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर गृह विभाग को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. विशेष रूप से पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है, जहां अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है.
एनएसजी के अफसरों ने बिहार पुलिस के 82 डीएसपी को वीआइपी सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया है. स्पेशल ब्रांच और खुफिया इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे जिलेवार पुलिस को रियल-टाइम जानकारी साझा करें. इसके लिए 24 घंटे संचालित केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग को सुरक्षा ब्लूप्रिंट की जानकारी दे दी गई है. इससे न केवल वीआइपी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से भी चलेगी.
एक समान सुरक्षा मानक अपनाया गया
गृह मंत्रालय ने राजनीतिक रैलियों की सुरक्षा के लिए एक समान मानक प्रक्रिया लागू की है. खतरे के स्तर के अनुसार वीआइपी नेताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एडवाइजरी बिहार सरकार को भेजी गई है.
पटना में केंद्रीय और राज्य पुलिस एजेंसियों की बैठक हुई, जिसमें वीआइपी सुरक्षा से जुड़े हर बिंदु पर चर्चा की गई. आने वाले वीआइपी नेताओं को उनके निर्धारित श्रेणी के अनुरूप सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पुलिस पदाधिकारी ब्लूबुक का अध्ययन कर रहे हैं. सभी जिलों में तैनात सुरक्षा अधिकारी वीआइपी मूवमेंट, रूट सिक्योरिटी, भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील स्थलों की निगरानी के मानक तरीकों के प्रशिक्षण से लैस हैं.
शहर में बढ़ी सुरक्षा, वाहन जांच अभियान तेज
पटना शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है. पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया है. मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाई जा रही है और वाहनों की जांच तेज कर दी गई है.
हाल ही में पीरबहोर थाना क्षेत्र में एक वाहन से चार लाख रुपये कैश बरामद किया गया. संबंधित व्यक्ति से पूछताछ जारी है. सेंट्रल एसपी दीक्षा ने कहा कि चुनावी दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अधिक नकदी रखने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
एयरपोर्ट और सीमा क्षेत्रों में चौकसी
पटना एयरपोर्ट की सुरक्षा भी दोगुनी कर दी गई है. आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय है. यात्रियों के सामान की स्कैनिंग से लेकर पार्किंग क्षेत्रों तक चौकसी बढ़ा दी गई है.
जिले की सीमाओं पर भी विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है. बाहर से आने वाले वाहनों की जांच की जा रही है ताकि अवैध नकदी, शराब या चुनाव प्रचार सामग्री प्रवेश न कर सके.
सीआरपीएफ की कंपनियां और क्राइम मीटिंग
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 29 कंपनियां तैनात हैं. ये कंपनियां संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही हैं और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गश्ती अभियान चला रही हैं.
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने सभी पुलिस पदाधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की. उन्होंने पूर्व के गंभीर अपराधों में शामिल फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया. साथ ही चुनाव को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों पर नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश भी दिया गया.
तैयारी हर स्तर पर
अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल ब्रांच के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और सभी को निर्देश दिया गया है कि रैलियों, रोड शो और बैठकों में समन्वय और चौकसी बनाए रखें. संवेदनशील जिलों में वीआइपी मूवमेंट पर विस्तृत सुरक्षा योजना लागू की जा रही है.
राज्य प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों का यह संयुक्त प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि बिहार विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो. वीआइपी नेताओं की सुरक्षा से लेकर आम नागरिकों की सुरक्षा तक हर पहलू पर नजर रखी जा रही है, ताकि चुनावी प्रक्रिया सुचारु और निष्पक्ष बनी रहे.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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