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बिहार में वोटर लिस्ट से हटेंगे 60 लाख नाम, अंतिम दो दिनों में 7 लाख फॉर्मों का इंतजार

Updated at : 24 Jul 2025 7:56 PM (IST)
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voter list correction in bihar| 60 lakh names will be removed from voter list in Bihar

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Voter List Revision: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के पहले चरण में चुनाव आयोग ने अब तक 99% मतदाताओं को कवर कर लिया है. आयोग के मुताबिक 60 लाख से अधिक वोटरों के नाम सूची से हटाए जाएंगे, जिनमें मृत, पलायन कर चुके और दोहराए गए नाम शामिल हैं.

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Bihar Voter List Revision: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का पहला चरण अब समापन की ओर है. आयोग ने गुरुवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अब तक 99% मतदाताओं को कवर किया जा चुका है और करीब 60 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

7 लाख मतदाताओं के दोहराए गए हैं नाम

आयोग के मुताबिक, 21.6 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं जबकि 31.5 लाख मतदाता स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं. इसके अलावा 7 लाख मतदाताओं के नाम दोहराए गए हैं, यानी वे एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं. इन सभी को मिलाकर 60 लाख से ज्यादा नाम सूची से हटाए जाने तय हैं, जो आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है.

1 लाख वोटरों से नहीं हो सका संपर्क

फील्ड में तैनात बीएलओ और बीएलए राज्य भर में 1 लाख से अधिक मतदाताओं से संपर्क स्थापित नहीं कर पाए. ये वे मतदाता हैं जो अपने पते पर नहीं मिले और जिनसे संपर्क के सभी प्रयास विफल रहे. हालांकि, आयोग ने फिलहाल स्पष्ट नहीं किया है कि इनका नाम लिस्ट से हटाया जाएगा या नहीं.

7 लाख फॉर्म अभी भी लंबित

आयोग ने जानकारी दी है कि अब तक 7.21 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म जमा हो चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 91.23% है. सभी फॉर्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड भी कर दिया गया है. शेष 7 लाख मतदाताओं के फॉर्म अब तक नहीं आए हैं, जिनके लिए शनिवार तक का समय दिया गया है.

दो दिन में पूरा होगा पहला चरण

SIR अभियान का पहला चरण समाप्त होने में अब सिर्फ दो दिन शेष हैं. इसके बाद 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी, जिसमें संशोधन और आपत्तियों का दौर शुरू होगा.

सभी मतदाताओं को नाम जुड़वाने का मिलेगा अवसर

चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इस बीच बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर कई राजनीतिक दलों और संगठनों में असंतोष भी दिखाई दे रहा है. हालांकि आयोग ने भरोसा दिलाया है कि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक छूटे हुए सभी पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का पूरा अवसर मिलेगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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