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Bihar Diwas 2022: 110 साल के सफर में बिहार ने देश-दुनिया को दिखायी राह, इन बातों को जान कर आप करेंगे गर्व

Updated at : 22 Mar 2022 9:27 AM (IST)
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Bihar Diwas 2022: 110 साल के सफर में बिहार ने देश-दुनिया को दिखायी राह, इन बातों को जान कर आप करेंगे गर्व

अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हुए विद्रोह में बिहार अगुआ रहा. देश की आजादी के लिए 1947 तक जितने भी आंदोलन हुए, बिहार के लोगों ने उसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. सैकड़ों लोग जेल गये, हजारों अंग्रेजों की प्रताड़ना के शिकार हुए.

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बिहार 110 साल का हो गया है. 22 मार्च, 1912 को बंगाल प्रोविंस से अलग होकर बिहार एक राज्य बना था. उस समय ओड़िशा भी बिहार का ही हिस्सा था. 1936 में बिहार और ओड़िशा को दो अलग-अलग राज्यों के रूप में दर्जा मिला. इन 110 वर्षों के सफर में चाहे राजनीति का क्षेत्र हो या समाज सुधार आंदोलन, कई ऐसे टर्निंग प्वाइंट आये, जिसने बिहार को देश-दुनिया में एक नये रूप में जगह दिलायी. वर्ष 2000 में एक बार फिर बिहार का भूगोल बदल गया, जब झारखंड एक नया प्रदेश बना. प्रस्तुत है मिथिलेश की रिपोर्ट

आजादी की लड़ाई

अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हुए विद्रोह में बिहार अगुआ रहा. देश की आजादी के लिए 1947 तक जितने भी आंदोलन हुए, बिहार के लोगों ने उसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. सैकड़ों लोग जेल गये, हजारों अंग्रेजों की प्रताड़ना के शिकार हुए.

1917 में गांधी जी का आना

महात्मा गांधी का चंपारण आना और यहां के निलहे किसानों की समस्या को उठाना इतिहास की एक युगांतरकारी घटना बन गयी. चंपारण की घटना ने गांधी जी को महात्मा बना दिया और पूरे देश की निगाहें उनकी ओर टिक गयीं.

1942 में भारत छोड़ो आंदोलन

महात्मा गांधी ने 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया था. बिहार में भी आंदोलन की आग फैली सचिवालय पर तिरंगा फहराने के लिए निकले छात्रों को अंग्रेजों की गोली खानी पड़ी.

1967 में संविद सरकार

बिहार में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी. पांच मार्च, 1967 को महामाया प्रसाद सिन्हा इस सरकार में मुख्यमंत्री बने. इसे संविद सरकार का नाम दिया गया.

1974 में छात्र आंदोलन

1974 में बिहार से निकली छात्र आंदोलन की हवा गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश होते हुए समूचे देश में फैल गयी. 1975 में देश में इमरजेंसी लागू कर दी गयी. लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने छात्र आंदोलन को नेतृत्व दिया था.

1990 में सत्ता में हुआ बदलाव

लंबी कांग्रेसी हुकूमत के बाद 1990 के मार्च में जनता दल के मुख्यमंत्री के तौर पर लालू प्रसाद ने शपथ ली. मंडल-कमंडल का मुद्दा राजनीति के केंद्र में था. भाजपा नेता एलके आडवाणी की समस्तीपुर में गिरफ्तारी के बाद लालू प्रसाद नये मुहावरे का प्रतीक बन गये.

2000 में बिहार बंटा झारखंड बना

15 नवंबर, 2000 को बिहार का भूगोल तब बदल गया, जब दक्षिण बिहार के 18 जिलों को अलग करते हुए झारखंड अलग प्रदेश बना. ज्यादातर कल-कारखाने और खनिज भंडार का इलाका झारखंड में चला गया.

2005 में नीतीश की सरकार

राजद के 15 साल के शासन के बाद 2005 के नवंबर में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नयी सरकार बनी. 2006 में इस सरकार ने सबसे प्रभावी और असरदार कानून बनाया. यह पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण से जुड़ा कानून था.

2010 में भ्रष्टाचार पर वार

2010 में जब नीतीश कुमार की अगुआई में दूसरी बार सरकार बनी तो भ्रष्ट लोगों की संपत्ति जब्त कर उसमें स्कूल खोले जाने का अहम फैसला लिया गया. अवैध तरीके से बनाये गये कई अधिकारियों के आलीशान मकानों में सरकारी स्कूल खोले गये.

2016 में पूर्ण शराबबंदी

पांच अप्रैल, 2016. देश और बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन रहा. बिहार सरकार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू कर दिया. पूरे देश में इस प्रकार शराबबंदी कानून प्रभावी करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना. 21 जनवरी, 2017 को विश्व की सबसे लंबी मानव शृंखला बिहार में बनी. करीब तीन करोड़ से अधिक लोगों ने 11,400 किमी लंबी मानव शृंखला बनायी.

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