Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव ने टेंट कारोबारियों का भर दिया खजाना, 25 करोड़ रुपये के मिले ऑर्डर

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 03 Nov 2025 9:13 PM

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मतदान से पहले पंडाल तैयार करते हुए

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान टेंट कारोबारियों की मांग बढ़ गयी है. इस दौरान जर्मन पंडाल, एलइडी स्क्रीन मंच के आर्डर सबसे अधिक मिल रहे हैं. जर्मन पंडाल पूरी तरह से वाटरप्रूफ होता है.

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Bihar Election 2025: आनंद तिवारी, पटना. बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार की गतिविधियों के बीच टेंट कारोबारियों की भी खूब चांदी हो गई है. चुनावी जनसभाओं, रैलियों और मतदान करने वाले दिन यानी 6 नवंबर के लिए टेंट कारोबारियों को करीब 25 रुपये से अधिक के आर्डर मिल चुके हैं. जिसके तहत विभिन्न पार्टियों की ओर से मंच आदि पंडाल बनाकर जनसभा आयोजित किये जा रहे हैं. इस दौरान जर्मन पंडाल, एलइडी स्क्रीन मंच की मांग सबसे अधिक है. टेंट कारोबारियों को पटना के शहरी क्षेत्रों के अलावा सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों से बुकिंग मिली है. इनमें खासकर पालीगंज, विक्रम, मनेर, बांकीपुर, मोकामा, फतुआ में अधिक टेंट लगाने के ऑर्डर मिले हैं.

Bihar Election 2025: गुरुवार को मतदान, ग्रामीण क्षेत्रों में लगने लगे पंडाल

पटना जिले के 14 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले 6 नवंबर के मतदान के लिए सोमवार की देर शाम से टेंट लगाने का काम शुरू हो गया है. मतदान के लिए वोटरों की सुविधा को देखते हुए जहां प्रशासन की ओर से आर्डर दिया गया है. वहीं दूसरी ओर अलग-अलग पार्टियों की ओर से भी अपने-अपने मतदाताओं को रिझाने व उनकी सुविधा के लिए पंडाल, टेंट आदि का इंतजाम किये जा रहे हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों के खाली जगहों में इस तरह की सुविधा अधिक देखने को मिलेगी.

एलईडी वॉल, ड्रोन कैमरों से हो रही रिकॉर्डिंग

कंकड़बाग के टेंट कारोबारी राजेश कुमार ने बताया कि चुनावी सभाओं को आकर्षक बनाने के लिए एलईडी वॉल-ड्रोन-क्रेन कैमरों से रिकार्डिंग कर लाइव प्रसारण जाता है. इसके कई ऑर्डर मिले हैं, जिसके तहत अब तक दो दर्जन से अधिक जनसभाओं में चार से अधिक पार्टियों को सुविधा प्रदान किया जा चुका है.

चुनाव में बड़े नेताओं की रैलियों में बनाया जा रहा जर्मन पंडाल

कुछ पार्टी पांच नवंबर के लिए बुकिंग दिये हैं. ताकि अधिक से अधिक भीड़ जुट सके. उन्होंने बताया कि चुनाव में बड़े नेताओं की रैलियों में जर्मन पंडाल बनाया जा रहा है. यह पूरी तरह से वाटरप्रूफ होता है. रैलियों में गेट, मंच, कुर्सियां, वीआइपी सोफे, बैरिकेडिंग, एलइडी स्क्रिन, साउंड सिस्टम और जनरेटर आदि व्यवस्था करनी होती है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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