भरत तिवारी एनकाउंटर केस हाईकोर्ट पहुंचा, पुलिस पर FIR की मांग

Edited by Paritosh Shahi
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मृत भरत तिवारी की फाइल फोटो

Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है. अधिवक्ता मुकेश कुमार ने निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR, मृतक परिवार की सुरक्षा और मुआवजे की मांग की है.

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Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के भरत तिवारी की 17 जून 2026 को हुई कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार ने यह याचिका दाखिल की है. याचिका में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिस पदाधिकारियों पर FIR दर्ज कर कार्रवाई करने, मृतक के परिवार को सुरक्षा देने और मुआवजा दिलाने की मांग की गई है. दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने वाले अधिकारियों और नेताओं की भी जांच कराने की मांग की गई है.

सोशल मीडिया वीडियो का दिया हवाला

अधिवक्ता मुकेश कुमार ने याचिका में कहा है कि घटना से पहले स्थानीय पुलिस ने भरत तिवारी के हाथ में पिस्तौल दिखने का एक वीडियो बनाया था. यह वीडियो सोशल मीडिया पर अब भी देखा जा रहा है. याचिका में दावा किया गया है कि वीडियो सामने आने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने भरत तिवारी को गिरफ्तार नहीं किया और न ही कोई हथियार जब्त किया. इसके अगले दिन शाहपुर थाना पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही.

याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले को प्रथम दृष्टया हत्या का मामला बताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकारी स्तर पर अब तक उचित कानूनी कार्रवाई या निष्पक्ष जांच नहीं की गई है.

आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाने का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि भरत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने अपना रिवॉल्वर फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके बाद भी उस पर गोली चलाई गई.

याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई, तो यह हत्या का मामला बनता है. उन्होंने जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है.

रिटायर हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच का आदेश

अधिवक्ता मुकेश कुमार ने कहा कि जनहित याचिका दायर होने के बाद राज्य सरकार ने पिछले शनिवार को इस घटना की न्यायिक जांच का आदेश दिया था. जांच के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर जज की अध्यक्षता में आयोग बनाने की बात कही गई है.

याचिकाकर्ता के अनुसार सरकार ने अब तक न्यायिक जांच आयोग से जुड़ी अधिसूचना जारी नहीं की है.

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बिलौटी गांव में हुई थी घटना

घटना भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव की बताई गई है. याचिका के अनुसार, 17 जून 2026 को पुलिस ने कथित मुठभेड़ में 32 वर्षीय भरत भूषण तिवारी को पांच गोलियां मारी थीं.

याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने इस घटना को एनकाउंटर बताया, जबकि मृतक ने पहले ही अपना रिवॉल्वर फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था.

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Paritosh Shahi

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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