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भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगी सभी योजनाएं

Updated at : 17 Aug 2025 1:25 AM (IST)
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भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगी सभी योजनाएं

देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सैनिकों और उनके आश्रितों को अब बिहार सरकार द्वारा चलायी जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सैनिक कल्याण निदेशालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.

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::पांच हजार भूतपूर्व सैनिकों की इआरएसएस डायल-112 में वाहन चालक के पद पर हुई है नियुक्ति

:: राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में गार्ड के पद पर बड़े पैमाने पर होने वाली है पूर्व सैनिकों की नियुक्ति

संवाददाता,पटना

देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सैनिकों और उनके आश्रितों को अब बिहार सरकार द्वारा चलायी जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सैनिक कल्याण निदेशालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. बिहार सरकार राज्य स्तर की सभी कल्याणकारी योजनाओं को केन्द्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड की तरह ऑनलाइन करने जा रही है. सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद उनके पुनर्नियोजन से लेकर सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाएं जैसे उनके बच्चों के लिए शिक्षा अनुदान, वैवाहिक अनुदान और प्रधानमंत्री मेधावी छात्रवृति जैसी योजनाओं का लाभ अब सैनिकों और उनके परिजनों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराये जायेंगे. इन योजनाओं को ऑनलाइन करने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए स्टेट एक्स सर्विस मैन बेनेवोलेंट फंड से 20 लाख रूपये उपलब्ध कराये गये हैं. इसके लिए पटना जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है.इसके साथ ही राजभवन सचिवालय द्वारा पूर्व सैनिकों को राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गार्ड के रूप में नियुक्ति का फैसला लिया है. पिछले दिनों ही राजभवन के वाहन चलाने के लिए कुल आधा दर्जन पूर्व सैनिकों को नियुक्त किया गया है. भूतपूर्व सैनिकों के लिए स्नातक (बीए एचआरएम) की पढ़ाई और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने को पिछले दिनों राजभवन में एक बैठक का आयोजना किया गया था। बैठक के बाद राज्यपाल सचिवालय आगे की कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं.

राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में सैनिक कल्याण निदेशालय सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं. कम आयु में सेना से रिटायर होने वाले सैनिकों के पुनर्वास के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं. बिहार के पांच हजार भूतपूर्व सैनिकों को इमरजेंसी रिपोर्ट सपोर्ट सिस्टम (इआरएसएस) डायल-112 में वाहन चालक के पद पर नियुक्त किया गया है.

बिहार के 20 जिलों में बन रहा है इंटिग्रेटेड सैनिक काॅम्प्लेक्स

राज्य के उन सात जिलों जहां पूर्व से जिला सैनिक कल्याण कार्यालय संचालित हैं, के अलावा 12 अन्य जिलों में इंटिग्रेटेड सैनिक काॅम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है. दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान, बक्सर, रोहतास और भागलपुर में पहले से जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कार्यरत हैं, जबकि 12 अन्य जिलों यथा नालंदा, बेगूसराय, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, कटिहार, सहरसा, पश्चिम चंपारण और गोपालगंज में इंटिग्रेटेड सैनिक काॅम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN

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By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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