20.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

बिहार के कृषि मंत्री ने केंद्र पर किसानों से साजिश का लगाया आरोप, बोले- नहीं मिल रहा आवंटन के अनुसार खाद

कृषि मंत्री ने कहा कि सात लाख 80 हजार टन उर्वरक का आवंटन हुआ है लेकिन मात्र पांच लाख 543 टन ही मिला है. इस सभी जिला इस संकट से जूझ रहे हैं. मांग और आपूर्ति गडबड़ा जाने से कालाबाजारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.

पटना. रबी मौसम में यूरिया की खपत और कमी को लेकर राज्य और केंद्र सरकार आमने-सामने खड़ी हो गयी है. राज्य के अधिकतर जिलों में यूरिया की कमी के चलते किसान परेशान हो रहे हैं. राज्य के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने केंद्र सरकार पर बिहार के किसानाें के साथ साजिश करने का आरोप लगाया है. राज्य में उर्वरक (यूरिया आदि) की कमी के लिये केंद्र को दोषी ठहराते हुए कहा कि किसानों को खाद की जरूरत है, लेकिन बिहार को समय से उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. इस समस्या के समाधान के लिये केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री से समय मांगा है. लेकिन, पत्र भेजने के तीन माह बाद भी केंद्रीय मंत्री ने समय नहीं दिया. बरौनी कारखाना से भी तय आपूर्ति का पालन नहीं हो रहा है. दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद डा संजय जासवाल ने कहा है कि बिहार के कृषि मंत्री झूठ बोल रहे हैं. केंद्र सरकार पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करा रही है.

आवंटन के अनुसार खाद नहीं मिलने से सभी जिलों में किल्लत

कृषि मंत्री ने कहा कि सात लाख 80 हजार टन उर्वरक का आवंटन हुआ है लेकिन मात्र पांच लाख 543 टन ही मिला है. इस सभी जिला इस संकट से जूझ रहे हैं. मांग और आपूर्ति गडबड़ा जाने से कालाबाजारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. मंगलवार को कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बारिश लेट होने के कारण खेतों में नमी है. गेहूं की खेती अधिक की जा रही है, इसके लिये उर्वरक की जरूरत सबसे अधिक है लेकिन 19 दिसंबर तक मात्र 63 फीसदी ही प्राप्त हुआ है. भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र से जब भी खाद की कमी की बात करते हुए कुछ लोग (भाजपा) हमें झूठा कहने लगते हैं. वह लोग हमें बतायें कि राज्य सरकार किसके जरिये मांग करे. भाजपा को किसानों की चिंता है तो वह केंद्र सरकार से उर्वरक उपलब्ध कराये. रबी 2019-20 एवं 2020-21 में उर्वरक की उपलब्धता रबी 2021-22 की तुलना में बेहतर थी, जिसके कारण उन वर्षों में राज्य मेे उर्वरक की उपलब्धता को लेकर अधिक समस्या उत्पन्न नहीं हुई थी.

आंकड़ों में उपलब्धता 

वर्ष 2022-23 में अक्टूबर से 19 दिसम्बर तक कुल जरूरत के यूरिया 63 प्रतिशत, डीएपी 84 प्रतिशत एवं एमओपी0 55 प्रतिशत की आपूर्ति की गई है. वहीं आयातित यूरिया का अक्टूबर में कुल आवंटन का पांच प्रतिशत, नवम्बर में 35 एवं 19 दिसंबर तक 52 प्रतिशत ही आपूर्ति की गई है. यानि रबी 2022-23 में आवंटन के मुकाबले आयातित यूरिया की उपलब्धता मात्र 35 प्रतिशत दी गयी.

कालाबाजारी रोकने को अब तक की कार्रवाई

राज्य में जीरो टाॅलरेंस नीति के तहत खरीफ 2022 में कुल 8,633 उर्वरक की दुकानों पर छापामारी की गई. 120 पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. 381 उर्वरक प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद कियागया. रबी, वर्ष 2022-23 में 19 दिसम्बर तक कुल 2,073 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापामारी की गई है. 46 पर एफआइआर एवं 29 का लाइसेंस रद किया गया है.

रबी सीजन में यूरिया की उपलब्धता (टन में)

  • माह – आवश्यकता – उपलब्धता – प्रतिशत

  • अक्टूबर – 2.10 हजार – 1,34,273 – 64

  • नवंबर – 2.50 हजार -1,74,650 -70

  • 19 दिसंबर तक – 3.30 हजार -1,91,620 -58

  • कुल – 7.90 हजार – 5.00,543 – 63

Also Read: बिहार के किसानों को अब नहीं होगी खाद की किल्लत, बरौनी में हर्ल फर्टिलाइजर फैक्ट्री बन कर तैयार
बिहार में उर्वरकों की कोई कमी नहीं : डॉ संजय जायसवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा संजय जायसवाल ने कहा कि आज की तारीख में भी बिहार में 97 हजार मैट्रिक टन यूरिया और 66 हजार मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है. उन्होंने आंकडों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में एक भी जिला ऐसा नहीं है जहां खाद उपलब्ध नहीं हो. सच यही है कि बिहार में कृषि अधिकारी और खाद्य वितरकों का माफिया गठजोड़ हो गया है. उन्होंने कहा कि मैं सभी डाटा अपने फेसबुक पर उपलब्ध करा रहा हूं. उन्होंने कहा कि अगर मैं गलत हूं तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुझ पर झूठ फैलाने का एफआइआर दर्ज करना चाहिए. उन्होंने कृषि मंत्री को सार्वजनिक रूप से बिहार की जनता से माफी मांगने की मांग की. खाद की किल्लत बिहार के अधिकारियों के गठजोड़ के कारण बताया.

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel