निजी स्कूलों के बच्चों का आधार अनिवार्य, बिना आधार नहीं मिलेगा पेन नंबर

Updated at : 27 Jul 2024 9:49 PM (IST)
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निजी स्कूलों के बच्चों का आधार अनिवार्य, बिना आधार नहीं मिलेगा पेन नंबर

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की तरह ही अब निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भी पहचान शिक्षा विभाग के पास संरक्षित होगी.

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संवाददाता, पटना

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की तरह ही अब निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भी पहचान शिक्षा विभाग के पास संरक्षित होगी. जिले के सभी निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिये आधार कार्ड का होना अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूल प्रबंधकों के पास विद्यार्थियों के स्टूडेंट डिटेल के साथ ही अब आधार नंबर भी रजिस्टर्ड रहेगा. विद्यार्थियों के आधार नंबर के आधार पर ही विद्यार्थियों की पहचान और एकेडमिक डिटेल रखने के लिये पेन (पर्सनल एनरॉलमेंट नंबर) जेनरेट किया जायेगा. निजी स्कूलों को दिये गये यू-डायस पोर्टल पर आधार नंबर देने के बाद ही पेन नंबर जेनरेट किया जा सकेगा. जिले में कुल 1045 निजी स्कूल रजिस्टर्ड हैं. रजिस्टर्ड सभी स्कूल प्रबंधकों को अगस्त तक विद्यार्थियों का आधार नंबर यू-डायस पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से शुक्रवार की शाम सिन्हा लाइब्रेरी में आयोजित बैठक में डीपीओ श्याम नंदन कुमार ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र के निजी स्कूल प्रबंधकों को अगस्त तक बच्चों का आधार नंबर यू-डायस पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन निजी स्कूलों ने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से की जायेगी.

स्कूल या राज्य बदलने पर भी एक ही रहेगा पेन नंबर

स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों का एक बार पेन नंबर जेनरेट होने के बाद विद्यार्थी का पेन नंबर एक ही रहेगा. स्कूलों द्वारा बच्चों को दिया जाने वाला एक पेन नंबर 12वीं कक्षा तक मान्य रहेगा. किसी परिस्थिति में अगर कोई विद्यार्थी स्कूल बदलता है या फिर दूसरे राज्य में पढ़ाई करने जाता है, तब भी उस विद्यार्थी का पेन नंबर नहीं बदलेगा. पेन नंबर बच्चों की आइडेंटिटी की तरह काम करता है. इसमें बच्चे की पूरी जानकारी होने के साथ ही एकेडमिक रिपोर्ट भी देखी जा सकती है. पेन नंबर के माध्यम से कोई स्कूल यू-डायस पोर्टल पर बच्चों का पेन नंबर डाल कर यह देख सकता है, वह कहां पढ़ाई कर रहा है.

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

पेन नंबर से स्कूल के साथ-साथ बच्चों के नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी. ऐसे में कोई भी सरकारी या गैर सरकारी स्कूल से नाम कटवाये बिना दूसरे स्कूल में नामांकन नहीं ले पायेंगे. वहीं कोई भी विद्यार्थी बिना पेन नंबर के दूसरे स्कूल में नामांकन नहीं ले पायेगा.

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