सोनेलाल हेम्ब्रम का सात करोड़ की अघोषित संपत्ति होगी जब्त

Updated at : 10 Apr 2017 4:16 PM (IST)
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सोनेलाल हेम्ब्रम का सात करोड़ की अघोषित संपत्ति होगी जब्त

सुमित सिन्हा पटना से लेकर रांची तक खरीदा कई भू-खंड, आयकर छापेमारी में हुआ था खुलासानिगरानी ने वर्ष 2000 में दर्जकीथी प्राथमिकी, 16 वर्ष बाद आया फैसलानिगरानीकी सशक्त कार्रवाई से लोगों में जगा भरोसा: डीजी पटना : उत्पाद विभाग के तत्कालीन उपायुक्त सोने लाल हेम्ब्रम कासात करोड़ से ऊपर की अघोषित संपत्ति जब्त करने का […]

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सुमित सिन्हा


पटना से लेकर रांची तक खरीदा कई भू-खंड, आयकर छापेमारी में हुआ था खुलासा
निगरानी ने वर्ष 2000 में दर्जकीथी प्राथमिकी, 16 वर्ष बाद आया फैसला
निगरानीकी सशक्त कार्रवाई से लोगों में जगा भरोसा: डीजी

पटना : उत्पाद विभाग के तत्कालीन उपायुक्त सोने लाल हेम्ब्रम कासात करोड़ से ऊपर की अघोषित संपत्ति जब्त करने का आदेश कोर्ट ने दिया है. यह संपत्ति पटना से लेकर रांची तक बनाया गयीथी. निगरानी ने वर्ष 2000 में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर चार्जशीट किया था.

निगरानी विभाग के डीजीरवींद्रकुमार ने आय से अधिक संपत्ति मामले के पुराने केसों को लेकर विभागीय सक्रियता बढ़ादीहै. विशेष लोक अभियोजकों को कहा गया हैकि जल्द से जल्द गवाही कराएं. इसका असर भी दिखने लगा है. आय से अधिक संपत्ति मामले में भ्रष्ट लोक सेवकों को कोर्ट सजा सुना रही है.

सोमवार को उत्पाद विभाग के तत्कालीन उपायुक्त सोनेलाल हेम्ब्रम के आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में विशेष निगरानी कोर्ट -11 के न्यायाधीश विपुल सिन्हा ने यह फैसला दिया. कोर्ट ने तत्कालीन उपायुक्त सोनेलाल हेम्ब्रम के आय से अधिक (वर्तमान बाजार मूल्य ) करीबसात करोड़ से ऊपर की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है. इसमें पटना के पटेल नगर स्थित, रोड नंबर -11 में बनी चार कट्ठा का मकान, रांची के चरारी मेंचार भू-खंड (27 कट्ठा), करम टोला, रांची मेंदो भू-खंड (10 कट्ठा )शामिल है. इसके अलावाछह लाख से ऊपर के आभूषण, लाखों का नकद, फिक्स्ड डिपॉजिट, जीवन बीमा की राशि का भी जब्ती का आदेश दिया गयाहै. मालूम हो की 27 जनवरी 1997 में आयकर विभाग की टीम ने सोनेलाल हेम्ब्रम के घर छापेमारीकीथी जिसमें आय से अधिक संपत्ति मिलीथी. निगरानी विभाग ने वर्ष 2000 में कांड संख्या 20 दर्ज की थी. उस समय अनुमानित अघोषित संपत्ति 22 लाख 81 हजार 229 रुपये बतायी गयी थी, जिसमें चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा था.

निगरानी विभाग के महानिदेशकरवींद्रकुमार ने बतायाकि हमारा प्रयास है कि जितने भी आय से अधिक संपत्ति के पुराने मामले हैं, उसकी जल्द सुनवाई पूरी हो और हम सफल भी हो रहे हैं. उन्होंने बतायाकि 22 मामले में निर्णय सरकार के पक्ष में गयाहै. सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य की बात करें तो करीब 12 करोड़ कीसंपत्ति का अधिग्रहणकियागया है. ऐसे बाजार मूल्य की बात करें तो अधिग्रहण की गयी संपत्ति अरबों में हो सकती है.

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