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आठ दिनों के न्यूनतम स्तर पर पहुंची गंगा, एनएच से उतरा पानी

Updated at : 29 Aug 2016 12:02 PM (IST)
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आठ दिनों के न्यूनतम स्तर पर पहुंची गंगा, एनएच से उतरा पानी

अनिकेत त्रिवेदी पटना : अब कहर तो थम ही रहा है बाढ़ का. नकटा दियारे के लोग वापस अपने घरों में लौट रहें है. लेकिन, जिंदगी की जद्दोजहद अभी बाकी है. अब बाढ़ के बाद एक सवाल दियारे के लोगों के सामने खड़ा है कि उन्हें अपने घर की दो जून की रोटी कब नसीब […]

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अनिकेत त्रिवेदी

पटना : अब कहर तो थम ही रहा है बाढ़ का. नकटा दियारे के लोग वापस अपने घरों में लौट रहें है. लेकिन, जिंदगी की जद्दोजहद अभी बाकी है. अब बाढ़ के बाद एक सवाल दियारे के लोगों के सामने खड़ा है कि उन्हें अपने घर की दो जून की रोटी कब नसीब होगी. हालात तब से खराब है, जब गंगा का पानी घर में घुस आया था. घर की सारी चीजें चाहे वो खाने का समान हो या सोने का बिछावन, यहां तो सब कुछ भींग चुका है. दियारे के लोगों का दिन अभी मचान पर बैठक कर, ताे कभी नाव की सवारी में बीत रहा है, लेकिन रात जब भूख के साथ आती है, तो हालात बेहद डरावनी हो जाती हैं.

घर लौटे लोगों के सामने असल समस्या खाना बनाने को लेकर हो रही है. पानी से जलावन से लेकर चूल्हे तक बरबाद हो चुके है. घर में रसोई गैस का सिलिंडर है, लेकिन खाली. ऐसे में बच्चों और बूढ़ों का पेट भरना काफी कठिन हो गया है. पीने के पानी की समस्या भी है. अभी के मौजूदा हालात में प्रशासन गंगा किनारे शहर में राहत शिविर तो चला रही है, लेकिन दियारे के गांवों तक अभी प्रशासन ने अपनी फौरी राहत नहीं पहुंचायी है.

हालात बदलने में लगेगा समय

दियारे के हालात बदलने में अभी समय लगेगा. स्थानीय मुखिया भागीरथ प्रसाद बताते हैं कि लोगों के सामने खाने की विकट समस्या है. जिंदगी पटरी पर लौट रही है, मगर काफी धीरे-धीरे. हमने प्रशासन से गुहार लगायी है कि अब दियारे में भी लोगों को राहत दिया जाये. लोग अपने स्तर से कोशिश में लगे है. अभी गंगा के पानी में काफी करेंट है. इसलिए आना-जाना अभी सुरक्षित नहीं है. हम लोग अपने और प्रशासन की मदद से आगे और काम करेंगे. कुछ स्वयंसेवी संस्थाएं भी आगे आ रही है.

यहां भी राहत
फतुहा व खुसरूपुर प्रखंड में गंगा, पुनपुन, धोवा, लोकाइन, महतमाईन आदि नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ से लोगों को राहत मिल रहा है. फतुहा प्रखंड के ग्रामीणक्षेत्रों व शहरी इलाकों में लोग बाढ़ का पानी घटने से राहत महसूस कर रहे हैं. वहीं खुसरूपुर प्रखंड के राहत शिविरों से लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं.

गंगा अब भी डेंजर लेवल से ऊपर बह रही
पटना. गंगा, सोन व पुनपुन का जल स्तर धीरे-धीरे घटने लगा है. रविवार की शाम पटना के गांधी घाट पर जल स्तर 49.82 मीटर रेकॉर्ड किया गया. बीते आठ दिनों में यह गंगा का न्यूनतम जल स्तर है. हालांकि, गंगा अब भी डेंजर लेवल से 122 मीटर ऊपर बह रही है. लेकिन, पटना जिलेके विभिन्न घाटों से पानी निकलने लगा है. दीघा घाट, बांस घाट, कुर्जी, एलसीटी घाट पर जहां गंगा का प्रकोप देखने को मिल रहा था, वहां से अब गंगा दूर जाने लगी है. मंदिर की सीढ़ियों से भी पानी नीचे उतरने लगा है. दानापुर व मनेर से भी पानी निकलने लगा है.

इधर, बख्तियारपुर व पुनपुन के इलाकों से भी पानी निकलने लगा है. अधिकारियों के मुताबिक गंगा के जल स्तर में वृद्धि नहीं होगी. क्योंकि, इलाहाबाद व बनारस में भी जल स्तर कम हुआ है और तत्काल में कहीं से पानी छोड़ने की बात नहीं है. एनएच 30 व 31 पर बाढ़ का पानी चढ़ गया था. इस कारण से सड़क मार्ग पर पूरी तरह से बंद हो गया था, लेकिन अब दोबारा से यातायात में सुधार हुआ है. फतुहा व बख्तियारपुर के बाजार तक पानी पहुंच गया था, जहां से धीरे-धीरे पानी निकलने लगा है. दानापुर व मनेर बाजार में भी पानी चढ़ गया था, जहां से बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकल गया है.

सरकार की सक्रियता की जरूरत : रविशंकर
बख्तियारपुर.केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बख्तियारपुर, फतुहा आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. बख्तियारपुर में उन्होंने श्री गणेश उच्च विद्यालय में बाढ़ पीड़ितों के साथ खाना भी खाया. उन्होंने यहां की व्यवस्था पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की आेर से सक्रियता की आवश्यकता है. रविशंकर ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार अाप सभी के साथ है.

उन्होंने बाढ़ में बरबादी के लिए केंद्र सरकार से भरपूर सहायता दिलाने का आश्वासन दिया. मौके पर विधायक नितिन नवीन, संजीव चौरसिया रणविजय सिंह उर्फ लल्लू मुखिया, विधान पार्षद संजय मयुख आदि मौजूद थे. इसके बाद केंद्रीय मंत्री फतुहा के सुपनचक, सुकलपुर में बाढ़ का जायजा लिया. यहां उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए जो राहत चाहिए, वह नहीं पहुंचा पा रही है.

इस मौके पर जिलापार्षद सदस्य सुधीर कुमार यादव और प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने प्रखंड में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की सूची केंद्रीय मंत्री को उपलब्ध करवाया और कहा कि इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की राहत मुहैया नहीं कराया गया. इस पर केंद्रीय मंत्री ने जिलाधिकारी से अविलंब इस ओर बात करने का आश्वासन दिया. वहीं कबीर मिशन ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रजेश मुनि ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शरणस्थली बनाने की मांग केंद्रीय मंत्री से की.

चौधरी ने किया बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा
पटना. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह शिक्षा व आइटी मंत्री डाॅ. अशोक चौधरी ने पटना सिटी के जल्ला क्षेत्रों खासपुर, बराजपुर, हीरानंदपुर, शुकलपुर सहित बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को सभी सुविधा देने के लिए तत्पर है. खासपुर गांव में लोगों की मांग पर स्कूल के नये भवन निर्माण का आश्वासन दिया. उन्होंने बाजार समिति पटना सिटी व सबलपुर पंचायत स्थित विष्णु मंदिर परिसर में राज्य सरकार की ओर से चलाये जा रहे राहत शिविर का भी निरीक्षण किया. सबलपुर पंचायत में प्राथमिक विद्यालयों को उत्क्रमित करने की बात कहीं.

कांग्रेस नेता विनोद कुमार सिंह यादव को जल्ला क्षेत्र की जनता की समस्या की जानकारी लेकर समय–समय पर सूचना देने का निर्देश दिया गया. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरा का समय विधान पार्षद दिलीप चौधरी सहित अन्य कांग्रेसी शामिल थे.

रामकृपाल ने भी लिया गांवों का जायजा
मसौढ़ी. रविवार को बाढ़ग्रस्त पुनपुन प्रखंड के सपहुआ ,फहीमचक एवं फहीपुर गांवों के अलावा आधा दर्जन गांवों में जाकरकेंद्रीय विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने उनके दुख-दर्द को नजदीक से देखा और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. इसके साथ ही राम कृपाल यादव ने मनेर के गांधी मैदान व श्रीनगर में मवेशियों के लिए चारे का वितरण किया.

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