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नीतीश का तंज, केंद्र ने मान लिया कि पटना में गंगोत्री का पानी नहीं

Updated at : 12 Jul 2016 6:48 AM (IST)
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नीतीश का तंज, केंद्र ने मान लिया कि पटना में गंगोत्री का पानी नहीं

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने मान लिया है कि पटना की गंगा में गंगोत्री का एक बूंद पानी नहीं है. इसलिए वे यहां गंगोत्री व ऋषिकेश का गंगाजल बेच रहे हैं. मुख्यमंत्री संवाद भवन में आपदा प्रबंधन विभाग और एडीपीसी, बैंकॉक के बीच आपदा प्रबंधन के क्षेत्र […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने मान लिया है कि पटना की गंगा में गंगोत्री का एक बूंद पानी नहीं है. इसलिए वे यहां गंगोत्री व ऋषिकेश का गंगाजल बेच रहे हैं. मुख्यमंत्री संवाद भवन में आपदा प्रबंधन विभाग और एडीपीसी, बैंकॉक के बीच आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीकी व अन्य मदद लिए के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर के मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर (फरक्का) बराज बनने के कारण गंगा में पानी कम और सिल्ट अधिक हो गया है.
गंगा में पानी का बहाव अब अधिक नहीं है. गंगा में सिल्ट के कारण तटबंध की दोनों ओर बाढ़ की समस्या स्थायी बन गयी है. इसे एनजीओ के लोगों को भी समझना चाहिए.
बिहार को बहु आपदाग्रस्त राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कम वर्षा के बावजूद बाढ़ और हर साल सुखाड़ का सामना करना पड़ता है. इससे निबटने के लिए इस साल भी किसानों को डीजल सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया, पर जब कैबिनेट में से पारित कराने की बारी आती है, तो बारिश हो जाती है. पहले तो राज्य में 29 प्रतिशत तक कम बारिश थी, अब यह घट कर 12-13 प्रतिशत तक आ गया है.
बिहार के अधिकांश हिस्से को भूकंप के सिस्मिक जोन चार और पांच में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेपाल में आये भूकंप जमीन के गहराई में नहीं होता, तो बड़ी तबाही होती. आज हमलोग किसी लकड़ी के मकान में मिटिंग कर रहे होते. उन्होंने कहा कि 2005 से मैं देख रहा हूं कि जलवायु में परिवर्तन हो रहा है. इस साल तापमान में अत्यधिक वृद्धि, एक दिन में ठनका गिरने से 56 लोगाें की मौत होना, सब जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है.
उन्होंने कहा िक कुशवाहा तटबंध कम बारिश के दौरान टूटा था. उस समय पानी का िडसचार्ज भी बहुत कम था. नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के कारण वहां के तटबंध की मरम्मती नहीं हो सकी थी. इस साल तो इतनी अगलगी हुई कि हमने जीवन में इतनी अगलगी नहीं सुनी. जब इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी की, कहा कि सुबह में खाना बनाएं, हवन के पहले तैयारी करें, तो जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में एक लड़के ने मुझ पर चप्पल फेंकी. यह जागरूकता की कमी के कारण हुआ. इसे आपलोगों को समझना चाहिए.
शराबबंदी से रात के हादसों में 30% की कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी के कारण रात की दुर्घटनाओं में 30 प्रतिशत की कमी आयी है. मैंने केंद्र के मित्र को भी इसका सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि आपदा में रिस्पांस टाइम में कमी आयी है. कम समय में लोगों को मदद मिलती है. आपदा के बाद लोगों को 24 घंटे में सहायता मिल जाती है. इसके लिए एसओपी बना हुआ है. राज्य के दो करोड़ बच्चों को भूकंप से निबटने की जानकारी दी जा रही है. इसका आनेवाले समय में बड़ा असर होगा.
यही बच्चे परिवार के लोगों को आपदा से बचने की जानकारी दे देंगे. एमओयू पर हस्ताक्षर पर उन्होंने कहा कि इससे तकनीकी सहयोग मिलेगा. यूनिसेफ और बिल मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन का बिहार में पहले से काम हो रहा है. बिहार दुनिया का पिछड़ा इलाका है. इसलिए लोग यहां आते हैं. बिल गेट्स ने भी बिहार के सुदूर इलाका खगड़िया के गांवों में जाकर देखा कि पल्स पोलियो का काम हुआ है. वे काफी खुश हुए.
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