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बेकाबू भीड़ ने कई घरों को फूंका, हादसे के बाद उपद्रव, थानाध्यक्ष की मौत

Updated at : 19 Nov 2015 2:45 AM (IST)
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बेकाबू भीड़ ने कई घरों को फूंका, हादसे के बाद उपद्रव, थानाध्यक्ष की मौत

लालगंज (वैशाली): लालगंज बाजार के मसजिद चौक के पास मंगलवार की दोपहर पिकअप वैन की ठोकर से दादा-पोती की हुई मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने बुधवार को जम कर उपद्रव मचाया. उपद्रवियों ने बेलसर के थानाध्यक्ष अजीत कुमार की पीट-पीट कर घायल कर िदया, िजनकी बाद में पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो […]

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लालगंज (वैशाली): लालगंज बाजार के मसजिद चौक के पास मंगलवार की दोपहर पिकअप वैन की ठोकर से दादा-पोती की हुई मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने बुधवार को जम कर उपद्रव मचाया. उपद्रवियों ने बेलसर के थानाध्यक्ष अजीत कुमार की पीट-पीट कर घायल कर िदया, िजनकी बाद में पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गयी.

इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया और जम कर तोड़फोड़ की. पथराव कर रही बेकाबू भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें एक 19 वर्षीय युवक की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य घायल हो गया. डीएम रचना पाटील, एसपी राकेश कुमार, एसडीपीओ राशिद जमां और वैशाली, करताहां , बेलसर ओपी, सरैया, पारू समेत कई थानों की पुलिस व अर्धसैनिक बल कैंप कर रहे हैं. थानाध्यक्ष अजीत कुमार नालंदा के रहुई थाने के गैवी गांव के रहनेवाले थे.

बताया जाता है कि भीड़ के बेकाबू होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके बाद भीड़ और बेकाबू हो गयी और पुलिस व प्रशासन पर ईंट-पत्थर से हमला तेज कर दिया. इसके बाद पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी. इसमें अताउल्लाहपुर निवासी विजेंद्र सिंह के 19 वर्षीय पुत्र राकेश कुमार और चकशाले निवासी दिपा महतो के 15 वर्षीय पुत्र विकास कुमार को गोली लग गयी. दोनों को तुरंत पीएमसीएच में भरती कराया गया. वहीं इस दौरान बेलसर के ओपी प्रभारी अजीत कुमार भीड़ में फंस गये. उपद्रवियों ने लाठी-डंडे से पीट कर उन्हें लहूलुहान कर दिया और खेत में छोड़ दिया.बाद में ग्रामीणों ने घायल थानाध्यक्ष को थाना पहुंचाया. उन्हें स्थानीय निजी क्लिनिक में ले जाया गय. वहां से उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. वहीं, पुलिस फायरिंग में गोली से घायल राकेश कुमार की मौत भी पीएमसीएच मे हो गयी है. इधर बेकाबू भीड़ ने पुलवा चौक, महाराणा प्रताप चौक, रेपुरा चौक आदि कई जगहों पर सड़क को जाम कर दिया. इसके बाद आयुक्त आलोक रंजन, आइजी पारसनाथ, डीआइजी, जिलाधिकारी, एसपी आदि के साथ अर्धसैनिक बलों के पहुंचने के बाद सड़क को खाली कराया गया. इस दौरान प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं अर्धसैनिक बलों ने शहर एवं संबंधित सड़कों पर फ्लैग मार्च किया. इसके बाद दोपहर बाद स्थिति काबू में आया. शहर के चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किये गये हैं. पुलिस और अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च देर शाम तक जारी था.
हादसे के आरोपित को भगाने की अफवाह से बेकाबू हुई भीड़
बताया जाता है कि सड़क हादसे के आरोपित को पुलिस द्वारा भगाये जाने की अफवाह फैलने के कारण भीड़ बुधवार को बेकाबू हो गयी. मंगलवार की दोपहर एक बजे के करीब मसजिद चौक के पास अपने दरवाजे पर अपनी छह माह की पोती माया कुमारी को गोद में लेकर 65 वर्षीय राजेंद्र चौधरी बैठे थे, तभी उनके पड़ोसी मोहम्मद रिजवान ने पिकअप वैन से उन्हें धक्का मार दिया, जिससे माया की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी, जबकि पीएमसीएच ले जाने के क्रम में राजेंद्र चाधरी ने भी दम तोड़ दिया. वहीं, इस घटना में जहानाबाद निवासी गणेश महतो की पत्नी 70 वर्षीय पत्नी लखिया देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गयी, जिसे रेफरल अस्पताल लालगंज में भरती कराया गया है. दुर्घटना के बाद रिजवान गाड़ी छोड़ कर भाग गया. लोगों ने िपकअप वैन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है. घटनास्थल पर पहुंची भीड़ पूर्व में रिजवान द्वारा राजेंद्र चौधरी को जान से मार देने की धमकी दिये जाने की सूचना से भड़क गयी, जिसे स्थानीय पुलिस और एसपी राकेश कुमार ने समझा-बुझा कर शांत किया. इसके बाद बुधवार की सुबह लोग पुन: घटनास्थल पर इकट्ठा हो गये. अफवाह फैली कि स्थानीय पुलिस ने रिजवान और अन्य को भगा दिया है, जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गयी. इसके बाद घटना-दर-घटना घटते चली गयी. वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस लगातार गश्त लगा रही है.
सीएम ने की समीक्षा रद्द किये कार्यक्रम
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैशाली की घटना को लेकर बुधवार को अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया. बुधवार को मुख्यमंत्री का रांची जाने का कार्यक्रम था. वैशाली की घटना की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर और वरीय अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा की. घटना में हुई मौत पर मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया और मृतकों के आश्रितों को चार–चार लाख रुपये का मुआवाजा देने और घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज कराने का निर्देश दिया. उन्होंने घटना के दौरान मारे गये थानाध्यक्ष के परिवार को नियमानुकुल राशि व सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने आइजी, मुख्यालय सुनील कुमार और जेल आइजी प्रेम सिंह मीणा से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की.
उच्चस्तरीय जांच करायी जाये. यह पुलिस की लापरवाही का नतीजा है. एक दिन पहले एक वाहन से दो की मौत हुई थी, पर पता नहीं चल सका कि यह दुर्घटना थी या साजिश.
सुशील कुमार मोदी, भाजपा नेता
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