नीतीश कुमार बताएं, पैकेज में कौन-सी योजना है पुरानी : सुशील मोदी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Aug 2015 5:13 AM (IST)
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पटना : पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने विशेष आर्थिक पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित उनके सहयोगी लालू प्रसाद व कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये लोग उसपर क्षुद्र राजनीति कर रहे हैं. मोदी ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत […]
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पटना : पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने विशेष आर्थिक पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित उनके सहयोगी लालू प्रसाद व कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये लोग उसपर क्षुद्र राजनीति कर रहे हैं. मोदी ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे बताएं कि सवा लाख करोड़ के बिहार पैकेज में कौन-सी योजना पुरानी है.
भाजपा नेता ने उन्हें बहस की भी चुनौती दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रेस कॉन्फ्रेंस के तत्काल बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर मोदी ने कहा कि बिहार को विशेष आर्थिक पैकेज मिलना एक ऐतिहासिक मौका था. लेकिन मुख्यमंत्री के मुख से धन्यवाद का शब्द तक नहीं निकला. वे अहसान फरोशी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पैकेज का काम समाप्त होते- होते तो यह दो से ढाई लाख का पैकेज होगा. प्रधानमंत्री ने कोई अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में पैकेज की घोषणा नहीं की. मोदी ने कहा कि पैकेज में जिन योजनाओं की घोषणा की गयी है क्या उसपर काम शुरू हो गया था.
पैकेज में आठ नये मेगा पुल की घोषणा हुई है, जिनमें चार गंगा नदी पर तथा दो-दो कोसी व सोन पर बनेगा. भागलपुर के विक्रमशिला में केंद्रीय विवि व देश का पहले कौशल विकास विवि जो बिहार में खुलना है, पुरानी योजना है क्या. पटना में नया हवाई अड्डा तथा रक्सौल, पूर्णिया व गया हवाई अड्डे का विकास पुरानी योजना है क्या. बरौनी रिफायनरी की क्षमता विस्तार, नेपाल को पाइप लाइन से तेल की आपूर्ति, कांवरियां, रामायण, जैन बुद्ध सर्किट का निर्माण सहित कई सड़कों का निर्माण पुरानी योजना है क्या.
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में घर और कृषि के लिए अलग-अलग फीडर का निर्माण पुरानी योजना है क्या. सोनिया गांधी के सहयोग स नीतीश कुमार सरकार चला रहे हैं, तो यूपीए के शासनकाल में क्यों नहीं बिहार का विकास करा सके. उनकी तरह केंद्र सरकार के टाटा- बाय-बाय का समय नहीं है. अभी पौने चार साल नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री रहेंगे. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को तो विकास से कोई मतलब नहीं है. पैकेज कोई एक दिन में लागू नहीं हो गया. चार माह से कवायद चल रही थी. वित्त मंत्री की अध्यक्षता में 12 विभागों के सचिवों की बैठक हुई, तब जाकर इसकी घोषणा हुई. प्रधानमंत्री ने विकास की बड़ी लकीर खीच दी है, इसलिए महागंठबंधन के लोग घबरा गये हैं. यह तो बिहार की जनता को तय करना है कि ईमानदारी से इस पैकेज को लालू करनेवाली सरकार चाहिए , या इसमें अपने अहंकार के खातिर अड़ंगा डालनेवाली सरकार.
यह विकास बनाम अहंकार के एजेंडा की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. पूरे बिहार में परिवर्तन की लहर चल रही है जो चुनाव आते- आते आंधी में बदल जायेगा. चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री की एक सितंबर को भागलपुर में अंतिम रैली है. विशेष पैकेज बिहार की तसवीर व तकदीर दोनों को बदल देगा. इस मौके पर प्रदेश महामंत्री सुधीर शर्मा सहित पार्टी के प्रवक्ता प्रो. अफजर शमसी व सुरेश रूंगटा भी उपस्थित थे.
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