सत्ता में आने के 14-15 महीने बाद प्रधानमंत्री को आ रही है बिहार की याद : नीतीश कुमार

Updated at : 09 Jul 2015 5:54 AM (IST)
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सत्ता में आने के 14-15 महीने बाद प्रधानमंत्री को आ रही है बिहार की याद : नीतीश कुमार

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि यह वरदान ही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में भी कुछ वक्त गुजारते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की प्रतिमा अवस्थापना के लिए आयोजित समारोह से इतर नीतीश ने संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री का क्या कहा जा सकता है? वह विदेश जाते हैं. […]

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि यह वरदान ही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में भी कुछ वक्त गुजारते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की प्रतिमा अवस्थापना के लिए आयोजित समारोह से इतर नीतीश ने संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री का क्या कहा जा सकता है? वह विदेश जाते हैं. यह वरदान ही है कि वह देश में भी कुछ समय व्यतीत करते हैं.

मुख्यमंत्री ने इस महीने के अंत में होने वाली मोदी की बिहार यात्रा की भी आलोचना की. इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार अभियान शुरू किए जाने की संभावना है.नीतीश ने कहा, वह सत्ता में आने के 14-15 महीने बाद बिहार को याद कर रहे हैं. यह देखने वाली बात होगी कि यहां आने पर प्रधानमंत्री किस तरह के पैकेज की घोषणा करते हैं, या फिर सिर्फ पैकेजिंग का काम करते हैं.

मुख्यमंत्री ने इंगित किया कि उन्होंने और उनके अधिकारियों ने प्रदेश की जरुरतों और मांग के संबंध में सभी दस्तावेज पहले ही सौंप दिए हैं और मोदी की यात्रा यह खुलासा करेगी कि वह लोगों के कल्याण हेतु दी गईं सलाहों को स्वीकार करते हैं या फिर विभिन्न विभागों में हमारे जो कार्यक्रम चल रहे हैं उनकी पैकेजिंग करते हैं. नीतीश ने कहा, लोगों ने मोदी को मालिक मुख्तार बना दिया है और उनका कहा उनके प्रधानमंत्री होने तक चलेगा, लेकिन बिहार के लोग दोबारा गुमराह नहीं होंगे.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पारदर्शिता और ईमानदारी के भाजपा के दावों पर हमला बोलते हुए पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं.उन्होंने कहा, भाजपा ने दावा किया कि केंद्र में उसके एक वर्ष की सरकार में कोई घोटाला नहीं हुआ है, लेकिन अब रोज-रोज घोटाले सामने आ रहे हैं. घोटालों से मतलब सिर्फ धन का गबन नहीं होता. इसका अर्थ विधि के शासन के तहत शासन नहीं चलाना भी है. मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी के मामले को भी उठाया और कहा कि शासन कर रहे लोगों को कानून का पालन करना चाहिए.

उन्होंने सवाल किया, देश की विदेश मंत्री एक भगोड़े की मदद करती हैं और दावा करती हैं कि यह सिर्फ मानवीय आधार पर किया गया. यह बहाना नहीं हो सकता. यह बहुत गंभीर मुद्दा है. शासन का तरीका क्या है? क्या आप अपने निकटतम किसी भी व्यक्ति की या सभी लोगों की मदद करेंगे.नीतीश ने कहा कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और ललित मोदी के संबंध नए नहीं हैं और जब वह पहली बार सत्ता में आयी थीं, तभी से पूरी दुनिया जानती है कि दोनों करीबी हैं.
उन्होंने कहा, उस वक्त राजस्थान सरकार में ललित मोदी का कद बहुत बडा था. राजनीतिक लोगों को अपने व्यवहार पर हमेशा ध्यान देना चाहिए. भाजपा ऐसी पार्टी है जो दूसरों को उपदेश देती है, आरोप लगाती है, लेकिन ऐसे काम करती है जिनका बचाव भी नहीं किया जा सकता.मुख्यमंत्री ने साथ ही में यह भी जोड़ा कि उन्होंने सुषमा और राजे पर व्यक्तिगत हमला किया है लेकिन सवाल व्यक्ति का नहीं है, यह पार्टी और उनके काम करने के तरीकों का है.
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