सोच-समझ कर एटीएम से पैसा निकालें, नहीं तो कटेगी जेब
Updated at : 10 May 2015 6:54 AM (IST)
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पटना: अगर आप एटीएम से बार-बार पैसा निकालते हैं, तो यह आदत छोड़ दें. क्योंकि ऐसा करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. कई बैंकों ने चुपके से एटीएम से अधिक बार निकासी व दूसरे बैंकों की एटीएम के इस्तेमाल पर चार्ज लगा दिया है. जानकारी के अभाव में ग्राहक बिना सोचे समङो दूसरे […]
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पटना: अगर आप एटीएम से बार-बार पैसा निकालते हैं, तो यह आदत छोड़ दें. क्योंकि ऐसा करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. कई बैंकों ने चुपके से एटीएम से अधिक बार निकासी व दूसरे बैंकों की एटीएम के इस्तेमाल पर चार्ज लगा दिया है. जानकारी के अभाव में ग्राहक बिना सोचे समङो दूसरे बैंकों की एटीएम से भी खूब पैसा निकाल रहे हैं व अपनी जेब कटवा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार एक्सिस बैंक, एचडीएफसी एवं आइसीआइसीआइ समेत एसबीआइ ने भी एटीएम से अधिक बार निकासी पर चार्ज लगा दिया है . इस कारण ग्राहकों की जेब कट रही है. खास कर स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.अधिक बार निकासी के कारण ग्राहकों को पर हर माह 150-300 रुपये अधिक खर्च करना पड़ रहा है.
आरबीआइ ने जारी किया सकरुलर
रिजर्व बैंक के सकरुलर के अनुसार एक नवंबर, 2014 से बैंक महीने में पांच से अधिक ट्रांजेक्शन पर हर बार 20 रुपये का शुल्क ले सकते हैं,लेकिन साथ ही बैंकों को यह छूट है कि यदि वे चाहते हैं,तो ग्राहकों को अधिक मुफ्त लेन-देन की सुविधा दे सकते हैं.
हर ट्रांजेक्शन पर 22.47 रुपये
अपनी एटीएम और अन्य एटीएम से हर माह पांच बार मुफ्त ट्रांजेक्शन की अनुमति है जबकि इससे अधिक एटीएम से नकद निकासी करने पर 20 रुपये और 12.36 प्रतिशत सर्विस टैक्स यानी 22.47 रुपये और मिनी स्टेटमेंट व पिन चेंज करने पर 8.50 रुपये और 12.36 प्रतिशत टैक्स यानी 9.55 रुपये लगेगा.
एटीएम मशीन सुचारू रुप से काम करे. इसके लिए यह नियम लाया गया है. बैंकों के लिए यह छूट है कि कौन-से बैंक कितनी निकासी की अनुमति देता है. मकसद है कि इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग को अधिक बढ़ावा मिले.
मनोज कुमार वर्मा,क्षेत्रीय निदेशक,आरबीआइ (बिहार-झारखंड)
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