जिले के 359 स्कूलों की ओर से पोर्टल पर नहीं साझा की जा रही एमडीएम रिपोर्ट

Published by : AMBER MD Updated At : 03 Jan 2026 6:58 PM

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जिले के सरकारी स्कूलों को उपस्थिति दर्ज करने और बच्चों दिये जाने वाले मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट करने के लिए टैब उपलब्ध कराया गया है

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-जिला शिक्षा कार्यालय ने एमडीएम नॉट एक्टिवेटेड स्कूलों की सूची की जारी

संवाददाता, पटना

जिले के सरकारी स्कूलों को उपस्थिति दर्ज करने और बच्चों दिये जाने वाले मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट करने के लिए टैब उपलब्ध कराया गया है. लेकिन कई जिले के कई ऐसे स्कूल हैं, जो टैब मिलने के बाद भी ऑनलाइन रूप से एक्टिव नहीं हुए हैं. ऐसे स्कूलों को एमडीएम नॉट एक्टिवेटेड की श्रेणी में रखा गया है. जिले के कुल 7346 स्कूलों में टैबलेट बांटा गया है. इनमें से 6414 स्कूलों ने ही इ-शिक्षाकोष पर रजिस्ट्रेशन कराया है. जिले के 359 स्कूल एमडीएम नॉट एक्टिवेटेड के श्रेणी में रखे गये हैं. ये स्कूल एमडीएम की रिपोर्ट इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहे हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराये गये शत प्रतिशत स्कूलों में एमडीएम एक्टिवेशन का कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया है.

बच्चों के फोटो को पोर्टल पर करना है अपलोड

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर के प्रत्येक स्कूल को टैबलेट के माध्यम से बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जानी है. वर्ग शिक्षक प्रतिदिन प्रत्येक कक्षा में उपस्थित बच्चों का फोटो और वीडियो बनाकर इ-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करेंगे. इसमें वर्ग में चल रहे शिक्षण कार्य का भी फोटो व वीडियो अपलोड करना होगा. इसके अलावा बच्चों को मध्याह्न भोजन खाते हुए फोटो के अलावा परिसर की साफ-सफाई का वीडियो अपलोड करना होगा. प्रधानाध्यापक को मिले टैबलेट के माध्यम से शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे. इसमें प्रतिदिन कौन शिक्षक अवकाश पर है और कौन शिक्षक स्कूल में कार्यरत हैं इसकी जानकारी देनी होगी. शिक्षक और प्रधानाध्यापक प्रतिदिन अपना फोटो कैप्चर कर इ-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करेंगे.

टैबलेट चोरी होने पर चल जायेगा पता

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि टेबलेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल के प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की होगी. अगर किसी स्कूल में टैबलेट चोरी होने की शिकायत मिलती है, तो चोर आसानी से पकड़े जायेंगे. टैबलेट का आइएमइआइ नंबर, टैबलेट का सीरियल नंबर, टैबलेट में लगाये गये नंबर का सिम, उपयोगकर्ता का नाम और पदनाम का जिक्र रहेगा. इसके अलावा सभी नंबर प्रधानाध्यापक के पास भी रहेंगे. यदि टैबलेट की चोरी होगी, तो आइएमइआइ नंबर, सीरियल नंबर और सिम के नंबर को ट्रैक करने पर वह पकड़ में आ जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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