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अब भी अंधेरे में हैं 27 जिलों में 28,259 गांवों के 71,290 टोले, कैसे पूरा करेंगे लक्ष्य : मोदी

Updated at : 25 Feb 2015 4:47 AM (IST)
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अब भी अंधेरे में हैं 27 जिलों में 28,259 गांवों के 71,290 टोले, कैसे पूरा करेंगे लक्ष्य : मोदी

मोदी ने नीतीश से पूछा, तीन माह में कैसे पूरा करेंगे लक्ष्य सीएम के गृह जिला नालंदा के 993 गांवों में अब भी नहीं पहुंची बिजली पटना : भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील मोदी ने कहा कि सभी गांवों को 15 जून तक बिजली देने का निर्देश दे कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता की […]

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मोदी ने नीतीश से पूछा, तीन माह में कैसे पूरा करेंगे लक्ष्य
सीएम के गृह जिला नालंदा के 993 गांवों में अब भी नहीं पहुंची बिजली
पटना : भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील मोदी ने कहा कि सभी गांवों को 15 जून तक बिजली देने का निर्देश दे कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि अब भी 27 जिलों में 28,259 गांवों के 71,290 टोले अंधेरे में हैं. 54 लाख से अधिक बीपीएल आज भी बिजली के इंतजार में हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि क्या मात्र चार माह में इतनी बड़ी आबादी को बिजली पहुंचाना संभव है?
12 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 27 जिलों में ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए केंद्र सरकार ने अक्तूबर, 2013 में धनराशि मंजूर की थी. 27 जिलों में 28,259 गांवों का विद्युतीकरण नवंबर, 2016 में पूरा होना है. नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि जो काम शर्त के मुताबिक दो साल में पूरा होना है, वह सिर्फ चार माह में कैसे पूरा होगा? खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के 998 गांवों में से मात्र पांच में ही बिजली पहुंची है. दिसंबर, 2014 तक नालंदा में 1. 51 लाख पोल गाड़े जाने थे, लेकिन यह काम अब-तक 16 फीसदी ही हो पाया है. लगने थे 30 ट्रांसफॉर्मर, लगे हैं महज तीन.
नकारात्मक राजनीति के पर्याय बन गये हैं मोदी
जदयू ने दिया जवाब
पटना : जदयू के प्रदेश प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेता सुशील मोदी नकारात्मक राजनीति के पर्याय बन चुके हैं. नीतीश कुमार ने जो नहीं भी कहा, वह भी बिहार के विकास के लिए करते रहे हैं. उन्होंने बिहार की जनता से समय पर बिजली पहुंचाने का वादा किया है, तो उसे पूरा भी करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही दिन से बिजली के क्षेत्र में कैसे सुधार हो इस पर काम करना शुरू कर दिया है.
बिजली कंपनियों में अधीन चल रही परियोजनाओं को समय पर गुणवत्ता के साथ कैसे पूरा किया जाये, इस पर समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने बरौनी थर्मल पावर स्टेशन के आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार परियोजनाओं में हो रही देरी को भी गंभीरता से लिया है.
2014-15 के लिए निर्धारित लक्ष्य 4721 मेगावाट के विरुद्ध 5210 मेगावाट बिजली का काम पूरा कर लिया गया है. इससे निर्धारित लक्ष्य 3777 मेगावाट से 4168 मेगावाट तक कर लिया गया है. जून, 2015 तक 5000 मेगावाट से अधिक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है. मोदी सिर्फ शहरों में ही घूम रहे हैं. कभी वो गांव में जाये तो पता चलेगा कि गांव में भी 24-24 घंटे बिजली रहती है. अगर वे सीधे चश्मे से देखेंगे तो पता चलेगा कि बिहार कितना विकास कर रहा है.
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