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बोले मोदी, बिहार में करा लें चुनाव, पता चल जायेगा दिल्ली का असर

Updated at : 12 Feb 2015 7:03 AM (IST)
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बोले मोदी, बिहार में करा लें चुनाव, पता चल जायेगा दिल्ली का असर

मोदी बोले : विस चुनाव में आप से भी बेहतर सफलता हासिल करेगी भाजपा राष्ट्रपति भवन या राजभवन में नहीं,विधानसभा के फ्लोर पर साबित होता है बहुमत रेणु की प्रतिमा लगाने के लिए न जमीन दी, न पाठ्यक्रम में शामिल कराया पटना :नीतीश कुमार में यदि हिम्मत है, तो विधानसभा भंग कर चुनाव करा लें. […]

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मोदी बोले : विस चुनाव में आप से भी बेहतर सफलता हासिल करेगी भाजपा
राष्ट्रपति भवन या राजभवन में नहीं,विधानसभा के फ्लोर पर साबित होता है बहुमत
रेणु की प्रतिमा लगाने के लिए न जमीन दी, न पाठ्यक्रम में शामिल कराया
पटना :नीतीश कुमार में यदि हिम्मत है, तो विधानसभा भंग कर चुनाव करा लें. उन्हें पता चल जायेगा कि बिहार में अरविंद केजरीवाल का क्या असर है. नीतीश कुमार को उक्त चुनौती बुधवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने दी. वह एसके मेमोरियल हॉल में धानुक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बिहार परिवर्तन चाह रहा है. बिहार ने कांग्रेस, राजद और जदयू का शासन देख लिया. अब जनता भाजपा को मौका देने का मन बना चुकी है.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने दलित, महादलित और पिछड़ों की सदैव उपेक्षा की. दलित-महादलितों को बांटा. मोदी ने कहा कि दिल्ली चुनाव परिणाम को ले कर नीतीश कुमार को कोई खुशफहमी नहीं पालनी चाहिए. शहाबुद्दीन, अनंत सिंह और रीत लाल यादव के सहारे वह बिहार में दिल्ली का इतिहास नहीं दोहरा सकते. हर राज्य का चुनाव अलग होता है. विधानसभा चुनाव में भाजपा अरविंद केजरीवाल से भी बेहतर सफलता हासिल करेगी.
उन्होंने कहा कि सीएम के रूप में जीतन राम मांझी का चयन भाजपा ने नहीं किया था. हर विभाग को नीतीश कुमार परदे के पीछे से चला रहे थे. अफसरों के तबादले उनकी मर्जी से हो रहे थे, जब मांझी खुद फैसला लेने लगे, तब उनकी त्योरी चढ़ गयी. संपर्क यात्रा में उन्होंने कभी मांझी जी के कार्य पर कोई टिप्पणी नहीं की.
शहाबुद्दीन ने जब 23 लोगों की हिट लिस्ट जारी की और दो-दो लोगों की हत्या हुई, तब उन्होंने मांझी सरकार पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया. उन्होंने कहा कि नीतीश को नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने का विरोध करने, गंठबंधन तोड़ने, लालू प्रसाद से हाथ मिलाने और कांग्रेस का साथ लेने के लिए जनता से माफी मांगनी होगी. पूर्व विधान पार्षद व कार्यक्रम के संयोजक राम बदन राय ने कहा कि 19 राज्यों में धानुक समाज दलित की श्रेणी में है, लेकिन बिहार में नहीं. सम्मेलन को विधायक सुरेंद्र मेहता, कामेश्वर चौरुपाल, पद्म पराग वेणु, विजय सिन्हा और एनआरआइ शैलेंद्र सिन्हा व प्रवीण दास तांती ने संबोधित किया.
आप की जीत पर खुश न हों नीतीश : नंदकिशोर
विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नंद किशोर यादव ने क हा कि भाजपा ने समाज की निचली सीढ़ी पर बैठे अति पिछड़ा समाज के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाया. यह लालू-नीतीश को बरदाश्त नहीं हुआ. दिल्ली में आप की जीत पर नीतीश कुमार क्यों खुश हो रहे हैं? उन्हें तो अरविंद केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के लिए आने से मना कर दिया था. केजरीवाल को यकीन था कि यदि नीतीश कुमार उनके पक्ष में चुनाव करने आये,तो आप का सफाया हो जायेगा. अभी तक का इतिहास रहा है कि जहां-जहां नीतीश चुनाव प्रचार करने गये, वहां-वहां भट्ठा बैठा कर आये.
बहुमत साबित करने के लिए वह विधायकों के साथ हवाई जहाज से दिल्ली गये हैं. उन्हें पता नहीं है कि राजभवन, राष्ट्रपति भवन या सड़कों पर नहीं बल्कि विधान सभा के फ्लोर पर बहुमत साबित होता है. विधायकों को बचाने के लिए उन्हें होटलों में ठहरा रखा है. उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार बनी, तो तीन माह में फणीश्वर नाथ रेणु की आदमकद प्रतिमा लगेगी. विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने कहा कि धानुक समाज बंधुआ मजदूर की तरह इस्तेमाल नहीं होगा. विधानसभा चुनाव में यह समाज हिसाब लेगा.
हाइकोर्ट ने की संविधान की रक्षा : मंगल पांडेय
पटना : पटना उच्च न्यायालय ने संविधान की रक्षा की है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि उक्त बात विधान सभा अध्यक्ष द्वारा नीतीश कुमार को जदयू विधानमंडल दल का नेता घोषित करने संबंधी पत्र पर पटना उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश पर कही. वह एसके मेमोरियल हॉल में धानुक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंनेकहा कि नीतीश कुमार ने संवैधानिक कुरसी का मजाक बना दिया है.
विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी नियमानुकूल काम नहीं कर रहे हैं. नीतीश कुमार को विधान मंडल दल का नेता बनाने संबंधी उनके पत्र से बिहार में एक गंभीर विषयउभरा है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के हित की नहीं,बल्कि अपनी चिंता कर रहे हैं. कभी जंगल राज और आतंक राज का विरोध करने वाले नीतीश कुमार आज
उन्हीं के साथ खड़े हैं. आज वह भाजपा से पूछ रहे हैं कि
सरकार किस पार्टी की चल रही है? भाजपा उनसे पूछना चाहती है कि जीतन राम मांझी को राज्यपाल के पास कौन ले कर गया था? मांझी जी को सीएम किसने बनाया? भाजपा तो हर वर्ग की चिंता करती है. महादलित का अपमान भाजपा बरदाश्त नहीं करेगी. बिहार के मौजूदा राजनीतिक संकट पर भाजपा नजर रख रही है.
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