बिहार को लालू प्रसाद के समय के बुरे दिनों में ले जा रहे हैं मांझी: भाजपा

Updated at : 26 Nov 2014 8:05 PM (IST)
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बिहार को लालू प्रसाद के समय के बुरे दिनों में ले जा रहे हैं मांझी: भाजपा

पटना : बिहार में विपक्षी भाजपा ने आज मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के वार्षिक रिपोर्ट कार्ड को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताते हुए आरोप लगाया कि अच्छी तस्वीर दिखाने के लिए पूर्ववर्ती राजग सरकार के आंकडे चुराये गये हैं. वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कल जारी सरकार के वार्षिक रिपोर्ट कार्ड […]

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पटना : बिहार में विपक्षी भाजपा ने आज मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के वार्षिक रिपोर्ट कार्ड को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताते हुए आरोप लगाया कि अच्छी तस्वीर दिखाने के लिए पूर्ववर्ती राजग सरकार के आंकडे चुराये गये हैं.
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कल जारी सरकार के वार्षिक रिपोर्ट कार्ड के जवाब में पार्टी की मूल्यांकन रिपोर्ट जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिखायी गयीं उपलब्धियां दरअसल गठबंधन सरकार (जून 2013 तक राज्य में रही राजग सरकार) के समय की हैं.’’
मांझी सरकार पर भाजपा के रिपोर्ट कार्ड में एक कार्टून बनाया गया है, जिसमें राज्य की राजनीतिक दशा पर कटाक्ष किया गया है. इसमें नीतीश कुमार को लालू प्रसाद के पैरों के पास और गद्दी पर बैठे मांझी को हंसते हुए दिखाया गया है.
जदयू सरकार पर निशाना साधते हुए सुशील मोदी ने मांझी को ‘घोषणा मुख्यमंत्री’ करार दिया और आरोप लगाया कि वह राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की तरह बिहार को अंधेरे के दिनों में लौटा रहे हैं.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव और प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय की मौजूदगी में सुशील मोदी ने कहा, ‘‘लालू प्रसाद की तरह मांझी भी विकास के बजाय हंसी-मजाक करके लोगों का मनोरंजन करने में समय खर्च कर रहे हैं.’’
जदयू सरकार के नौ साल पूरे होने पर मांझी द्वारा कल जारी 124 पन्नों की सालाना रिपोर्ट में दिये आंकडों को चुनौती देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था में कमजोर रही जो पिछली जदयू-भाजपा सरकार की खूबी होती थी.
उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के हाथ मिलाने के बाद मोहम्मद शाहबुद्दीन, पप्पू यादव, प्रभुनाथ सिंह, रीतलाल यादव और अनंत सिंह जैसे बाहुबलियों के दिन लौट आये हैं.’’
पिछले छह महीने में मुख्यमंत्री द्वारा की गयी 91 घोषणाओं का जिक्र करते हुए सुशील मोदी ने कहा, ‘‘वह घोषणाएं किये जा रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनके पास अगले साल नवंबर तक का ही समय है और उन्हें पूरी करने की जिम्मेदारी उनके पास नहीं है.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू सरकार में सत्ता के दो केंद्र हैं.
सुशील मोदी ने कहा, ‘‘कई मंत्री, विधायक और अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रिपोर्ट करते हैं वहीं अन्य मांझी के पास जाते हैं. बिहार दो सत्ता केंद्रों के बीच में नुकसान उठा रहा है.’’ उन्होंने नीतीश कुमार पर प्रतिनिधि के माध्यम से राज्य सरकार का रिमोट कंट्रोल अपने पास रखने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार अत्यधिक है लेकिन पिछले एक साल में किसी भ्रष्ट व्यक्ति की किसी संपत्ति को जब्त नहीं किया गया. बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सुशील मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के पूरे नौवें रिपोर्ट कार्ड को तीन चरणों में बांटा जा सकता है. इनमें एक में जंगल राज आना, दो में रिमोट चालित सरकार और बिहार में अब भी डर बरकरार तथा तीसरा चरण नीतीश और मांझी के बीच रस्साकशी में विकास पर रोक से जुडा है.
वरिष्ठ भाजपा नेता ने हैरानी जताते हुए कहा कि राज्य में करोडों रूपये के चिकित्सा घोटाले का जिक्र क्यों नहीं है और अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी.प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पांडेय ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार ‘विश्वासघात’ की आधारशिला पर खडी हुई है और कुमार ने राजग से अलग होकर जनादेश का उल्लंघन किया है.
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