विशेष दर्जा से दूर होगा पिछड़ापन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jul 2013 1:52 PM
पटना: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र के 77वें जन्मदिन पर बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान की ओर से बिहार मांगे इंसाफ विषय पर सेमिनार हुआ. इसमें वक्ताओं ने एक ही स्वर में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की वकालत की. सभी ने कहा कि बिहार पिछड़ा है और इसे आगे बढ़ाने के लिए राज्य […]
पटना: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र के 77वें जन्मदिन पर बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान की ओर से बिहार मांगे इंसाफ विषय पर सेमिनार हुआ. इसमें वक्ताओं ने एक ही स्वर में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की वकालत की.
सभी ने कहा कि बिहार पिछड़ा है और इसे आगे बढ़ाने के लिए राज्य को विशेष तरजीह मिलनी ही चाहिए. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सभी वक्ताओं ने उम्र के इस पड़ाव में भी डॉ मिश्र को लेखन व रचनात्मक कार्यो के करते रहने के कारण विशेष तौर पर प्रशंसा की और उनके दीर्घायु होने की कामना की.
असमानता दूर करने के लिए विशेष दर्जा जरूरी
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने राज्य में हो रही प्रगति की समीक्षा की. बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि लंबे अरसे से पिछड़े राज्य बिहार को न्याय मिलनी ही चाहिए. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र ने कहा कि बिहार आर्थिक सुधार के लाभों से वंचित रहा है. असमानता को दूर करने, विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाये. आद्री के सदस्य सचिव शैबाल गुप्ता ने स्टॉक ट्रांसफर का जिक्र किया.
टाटा में उत्पादन और मुंबई में बिक्री होने पर डॉ मिश्र द्वारा आवाज उठाये जाने की याद दिलायी. पीयू के प्रोफेसर नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कोलकाता से नयी दिल्ली राजधानी स्थानांतरित होने के बाद बंगाल प्रेसिडेंसी के सभी राज्य पिछड़ गये. वे शुरू से ही विशेष राज्य का दर्जा देने के पक्षधर रहे हैं. कार्यक्रम में बिहार राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष हरि किशोर सिंह, गृह मंत्रलय के मुख्य लेखा नियंत्रक डॉ संजीव मिश्र ने भी अपने विचार रखे.
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