पटना : शहीदों के परिवारों को कोई भी दिक्कत हो, सरकार दूर करेगी

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

‘एक शाम शहीदों के नाम’ में सीएम की घोषणा

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि शहीदों का परिवार पूरे बिहार का परिवार है. किसी परिवार को कभी भी दिक्कत होती है, तो वे तुरंत राज्य सरकार से संपर्क कर सकते हैं. राज्य सरकार हमेशा तैयार है. मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे.

उन्होंने आगे कहा कि बिहार पुलिस के शहीद जवानों की याद में एक स्मारक स्थल बनाया जायेगा. इसके लिए पुलिस मुख्यालय ‘सरदार पटेल भवन’ या किसी अन्य जगह का चयन किया जा सकता है. राज्य सरकार इसका निर्माण करायेगी. शहीदों को सम्मान देने के लिए किसी एक दिन का निर्धारण करना होगा. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) ऐसा फोर्स है, जिसमें सबसे ज्यादा बिहारी हैं. वहीं, सीआरपीएफ के बिना कोई काम ही नहीं चल सकता है. बिहार में इनकी संख्या कम होने पर तुरंत केंद्र सरकार को पत्र लिखते हैं. सीएम ने बिहार पुलिस, सीआरपीएफ और सीआइएसएफ के शहीद जवानों के परिजनों को 51-51 हजार का चेक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया. कहा कि पुलिस मुख्यालय में एक जगह शहीदों के नाम लिखे गये हैं और आगे भी लिखा जायेगा. बिहार सरकार शहीदों को नमन करती है. उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.

शहीदों के लिए बनेगा स्मारक, सम्मान के लिए तय होगा एक दिन

कई मामलों में बिहार से देश का प्रतिनिधित्व : स्पीकर

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि शहीदों का सम्मान करने से बड़ी राष्ट्र सेवा और पूजा नहीं है. बिहार पुराने गौरव को पाने के लिए आगे बढ़ रहा है. कई मामलों में बिहार आज देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है. विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो हारूण रसीद ने कहा कि वतन और समाज की निगाहबानी करने वाला हमेशा सम्मानित होता है. वर्दी पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है.

डीजीपी भाषण अच्छा देते हैं, शराबबंदी लागू कराएं

मुख्यमंत्री ने शराबबंदी का सख्ती से पालन करने की हिदायत सभी पुलिसकर्मियों को दी. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के संबोधन पर कहा कि भाषण तो बहुत अच्छा दिया है, लेकिन इस कानून का क्रियान्वयन भी पूरी सख्ती के साथ कराएं. इससे पुलिसवालों की भी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. पुलिस बल ने भी शराबबंदी का संकल्प लिया है. विधानमंडल में भी इस बिल को एक मत में पास किया गया था. इसके बाद भी कुछ लोग इस कानून पर कुछ भी बोलते रहते हैं. आजकल शराब की होम डिलिवरी की बात कुछ लोग करते हैं. ये बातें वही लोग करते हैं, जो पीने के चक्कर में लगे रहते हैं. शराबबंदी के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. पिछले साल साढ़े तीन करोड़ देशी और 10.80 लाख विदेशी पर्यटक आये.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें