पटना : नेशनल रैंकिंग में राज्य का कोई विवि नहीं
Author Prabhat khabar digital desk
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खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे राज्य के विवि पटना : टाइम्स इमर्जिंग इकोनॉमिज यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 में देश की 11 संस्थान विश्व के टॉप 100 संस्थानों में शामिल हुए हैं, लेकिन राज्य में कोई भी विश्वविद्यालय नेशनल रैंकिंग तक में शामिल नहीं है. यही नहीं किसी ने उसके लिए आवेदन तक […]
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खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे राज्य के विवि
पटना : टाइम्स इमर्जिंग इकोनॉमिज यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 में देश की 11 संस्थान विश्व के टॉप 100 संस्थानों में शामिल हुए हैं, लेकिन राज्य में कोई भी विश्वविद्यालय नेशनल रैंकिंग तक में शामिल नहीं है. यही नहीं किसी ने उसके लिए आवेदन तक नहीं किया है.
जबकि पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य के विश्वविद्यालयों को अंतराष्ट्रीय स्तर पर सौ विश्वविद्यालयों में आने की चुनौती दी थी. इसके दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन यहां के विश्वविद्यालय नैक में ‘ए प्लस’ ग्रेडिंग के लिए ही संघर्ष कर रहे हैं.
कुछ विश्वविद्यालयों को जमीन मिली है, पर नहीं बन सका अब तक भवन
जानकारों की मानें तो राज्य के विश्वविद्यालय नेशनल रैंकिंग के लायक अभी नहीं हुए हैं. कारण यह है कि वे खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं. विश्वविद्यालयों को किसी तरह से संचालित करने में ही अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कुछ काम हो रहे हैं, लेकिन पर्याप्त नहीं हैं. कुछ विश्वविद्यालयों को जमीन मिली है तो भवन अब तक नहीं बन सका है.
कुछ कॉलेजों की स्थिति भी ऐसी ही है कि वे अब भी भवन के लिए तरस रहे हैं. लैब व लाइब्रेरी की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. स्थिति यह है कि रोजमर्रा के खर्चे उठाने की स्थिति में कॉलेज नहीं हैं. हर चीज के लिए विवि सरकार पर निर्भर करते हैं. वहीं सरकार के द्वारा सिर्फ शिक्षकों का वेतन के मद में राशि दी जाती है. अनुदान की राशि तीन दशक से बंद हैं. शिक्षकों की कमी की वजह से पूरे क्लास नहीं हो पाते हैं. इस वजह से पढ़ाई का स्तर दिन प्रतिदिन गिर रहा है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कार्य किये जा रहे हैं जिसमें कई विदेशी संस्थानों के साथ टाइ-अप किया गया है. जल्द ही विश्व स्तरीय हॉस्टल का निर्माण भी प्रस्तावित है. विवि प्रयास कर रही है कि जल्द ही नेशनल रैंकिंग में आये. इसके लिए आवेदन जल्द किया जायेगा. इसके बाद इंटरनेशनल रैकिंग के लिए प्रयास करेंगे.
कर्नल मनोज मिश्र,
रजिस्ट्रार, पीयू
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