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अमित शाह ने कहा- नीतीश के नेतृत्व में ही लड़ेंगे बिहार विधानसभा चुनाव, झारखंड चुनाव में हार पर करेंगे चिंतन

Updated at : 03 Jan 2020 7:00 AM (IST)
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अमित शाह ने कहा- नीतीश के नेतृत्व में ही लड़ेंगे बिहार विधानसभा चुनाव, झारखंड चुनाव में हार पर करेंगे चिंतन

नयी दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को इस साल के अपने पहले इंटरव्यू में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनाव परिणामों, बिहार व दिल्ली के आसन्न चुनाव तथा एनपीआर जैसे मुद्दों पर अपनी राय साझा की़ उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पार्टी आत्मचिंतन करेगी, जबकि बिहार विधानसभा […]

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नयी दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को इस साल के अपने पहले इंटरव्यू में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनाव परिणामों, बिहार व दिल्ली के आसन्न चुनाव तथा एनपीआर जैसे मुद्दों पर अपनी राय साझा की़ उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पार्टी आत्मचिंतन करेगी, जबकि बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ही चेहरा होंगे. केंद्रीय गृह मंत्री ने एक बार फिर साफ किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे.
कहा कि हमारे सीएम का चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे.हालांकि उन्होंने सीटों के बंटवारे के फाॅर्मूले को लेकर कोई संकेत नहीं दिया. यह पूछे जाने पर कि क्या बिहार में भाजपा-जदयू बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, उन्होंने कहा कि जब तय होगा, तब मीडिया को बता दिया जायेगा. शाह ने कहा कि झारखंड में हम जरूर हार गये. यह आत्मचिंतन का विषय है. हालांकि उन्होंने पार्टी की हार के लिए सरयू राय प्रकरण को अकेला विषय नहीं माना. इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि किसी एक फैसले से पार्टी को चिह्नित नहीं कर सकते.
नौ फरवरी से पहले राम मंदिर ट्रस्ट का एलान
राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि नौ फरवरी से पहले तक राम मंदिर ट्रस्ट का एलान हो जायेगा. राम मंदिर कैसा होगा, यह ट्रस्ट यह तय करेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वहां एक भव्य राम मंदिर बनना चाहिए. यह हमारे चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा है.
विपक्ष ने देशभर में फैलायी गलतफहमी
सीएए और एनआरसी को जोड़ कर देखे जाने पर अमित शाह ने कहा कि ये दो अलग-अलग विषय हैं. उन्होंने कहा कि इस पर गलतफहमी फैलायी गयी है. एक्ट में किसी की नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है. इसमें संविधान के आर्टिकल 14 (ए) का उल्लंघन नहीं होता है. धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा रही है.
साबित करें कि सीएए से जायेगी नागरिकता
शाह ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को चुनौती दी. कहा, वे एक भी प्रोविजन बता दें, जिससे नागरिकता जा रही हो. सीएए और एनआरसी को जोड़ना ही गुमराह करना है. कानून पढ़े बिना अफवाह फैला रहे हैं. कांग्रेस के आरोप पर गृहमंत्री ने सवाल पूछा कि जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां हिंसा क्यों नहीं हुई? दरअसल, जनता समझ रही है कि हिंसा कौन करवा रहा है.
नौ फरवरी से पहले राम मंदिर ट्रस्ट का एलान
सीएए किसी की नागरिकता नहीं ले सकता, नागरिकता का आधार धर्म नहीं
साबित करें कि सीएए से जायेगी नागरिकता
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