अब तक 10303 मीटरिक टन धान की खरीद

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पटना : राज्य में अब दस हजार तीन सौ तीन मीटरिक टन धान की खरीद हो चुकी है. शिवहर जिले में छोड़ कर कमोबेश सभी जिलों में पैक्स ने धान खरीद की शुरुआत कर दी है. अब तक 1300 किसानों ने सरकार को अपना धान भेज दिया है. सहकारी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे […]

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पटना : राज्य में अब दस हजार तीन सौ तीन मीटरिक टन धान की खरीद हो चुकी है. शिवहर जिले में छोड़ कर कमोबेश सभी जिलों में पैक्स ने धान खरीद की शुरुआत कर दी है. अब तक 1300 किसानों ने सरकार को अपना धान भेज दिया है.

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सहकारी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक मधेपुरा में 256, सहरसा में 106, सुपौल में 322 किसानों ने धान बेचे हैं, जबकि बेगूसराय में मात्र तीन, कटिहार में तीन, खगड़िया में दो, पटना और सीतामढ़ी में मात्र एक, पश्चिमी चंपारण में मात्र तीन किसान ही अपने धान पैक्स के माध्यम से बेच पाये हैं.
30 लाख मीटरिक टन का लक्ष्य
सरकार पैक्स के माध्यम से सभी धान बेचने वाले किसानों को धान खरीद का प्रयास करेगी, लेकिन फिर भी सांकेतिक रूप से इस बार 30 लाख मीटरिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी जिलों को खरीद के लिए जिलावार लक्ष्य भी भेज दिया गया है. विभाग के अधिकारियों के अनुसार ए ग्रेड उत्तम धान के लिए 1835 रुपये प्रति क्विंटल और साधारण धान के लिए 1815 रुपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित है.
इस बार राज्य में पैक्स के माध्यम से होने वाली सरकारी धान खरीद में पूर्ण रूप से ऑनलाइन प्रक्रिया अपनायी जा रही है. किसानों को अपना धान बेचने के लिए पंचायत के पैक्स में जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा. इसके बाद संबंधित जगह पर जाकर धान को बेचा जायेगा. किसानों को धान बेचने का भुगतान भी ऑनलाइन ही बैंक अकाउंट में भेज दिया जायेगा.
सुपौल, मधेपुरा, कैमूर में सबसे अधिक
कई जिलों में अभी से ठीकठाक धान की खरीद की शुरुआत हो चुकी है. सबसे अधिक कैमूर में 836.3 मीटरिक टन, मधेपुरा में 1940.6 मीटरिक टन, सुपौल में 2448.1 मीटरिक टन, अररिया में 190.03 मीटरिक टन की खरीद हुई है. पटना में सिर्फ औपचारिक तौर पर पांच मीटरिक टन की खरीद हो पायी है. इसके अलावा खगड़िया में मात्र 14 मीटरिक टन, समस्तीपुर में 7.5 मीटरिक टन व नालंदा में 22 मीटरिक टन ही धान की खरीद हो पायी है.
जनवरी से आयेगी रफ्तार
दरअसल, इस बार राज्य में बाढ़ व सुखाड़ के कारण धान की रोपनी देर से हुई है. इसलिए धान कटनी के समय में भी औसत रूप से देरी हुई है. विभाग इस बात की तैयारी कर रहा है कि दिसंबर से अंत से धान खरीद की रफ्तार बढ़ेगी. उससे पहले सभी सिस्टम को दुरुस्त कर लिया जाये. अब जनवरी से ही धान खरीद की रफ्तार बढ़ने वाली है. वहीं, मार्च के अंत तक धान खरीद का समय निर्धारित किया गया है.
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