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पटना : हरियाली मिशन के लिए सीएम को नोबेल पुरस्कार देने की मांग

Updated at : 29 Nov 2019 5:47 AM (IST)
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पटना : हरियाली मिशन के लिए सीएम को नोबेल पुरस्कार देने की मांग

पटना : विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की मांग की गयी. जल-जीवन-हरियाली मिशन को लेकर विधान परिषद में गुरुवार को हुए विशेष वाद-विवाद के दौरान जदयू के सदस्य खालिद अनवर ने यह मांग की. खालिद ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर […]

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पटना : विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की मांग की गयी. जल-जीवन-हरियाली मिशन को लेकर विधान परिषद में गुरुवार को हुए विशेष वाद-विवाद के दौरान जदयू के सदस्य खालिद अनवर ने यह मांग की. खालिद ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर जल संरक्षण के लिए इतना व्यापक अभियान चलाया है.
बिहार में इसके लिए अन्य राज्यों से सबसे अधिक बजट भी दिया गया है. बजट में गुजरात सबसे पीछे है. इसी कड़ी में खालिद ने कहा कि हम सदन के माध्यम से मांग करते है कि जो राज्य जल- जीवन- हरियाली के लिए दूरगामी सोच रखता है, उस राज्य के मुख्यमंत्री को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए. खालिद को टोकते हुए भाजपा सदस्य संजय मयूख ने कहा कि किसी राज्य को टारगेट करके बात को नहीं रखी जाये.
नौ अगस्त, 2020 को एक दिन में लगेंगे ढाई करोड़ पौधे : श्रवण
करीब दो घंटे तक चले विशेष वाद-विवाद के दौरान सरकार की ओर से उत्तर देते हुए ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जितने भी सुझाव आये हैं, उन पर ईमानदारी से अमल किया जायेगा.
उन्होंने सदन को बताया कि राज्य भर में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत नौ अगस्त, 2020 को एक दिन में ढाई करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाली चुनौतियों से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर दो अक्तूबर से अभियान की शुरुआत की गयी है, जिसमें 15 विभागों को काम सौंपा गया है.
मंत्री ने कहा कि अभियान को मिशन मोड में पूरा करने के लिए जल-जीवन- हरियाली मिशन का गठन किया गया है. राज्य सरकार अगले तीन वर्षों में 24 हजार पांच सौ करोड़ रुपये जल-जीवन-हरियाली अभियान पर खर्च करने का निर्णय लिया गया है. इसके पहले इस विषय पर चर्चा के लिए संजीव कुमार सिंह के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई. उन्होंने कहा कि भौतिक सुख-सुविधा के लिए हम प्रकृति का दोहन कर रहे है.
खाने-पीने के सामान को अधिक कमाई के लिए जहरीला बनाया जा रहा है. राजद के रामचंद्र पूर्वे का सुझाव था कि अभियान के तहत उन 17 नालों पर भी बंद कराया जाये, जिनका गंदा पानी सीधे गंगा में गिरता है. जदयू के रामवचन राय ने जन-जीवन-हरियाली पर लिखी कविता को सदन में पढ़ा और कहा कि भूमाफियाओं का कब्जा, आहर, पाइन और नालों पर है, उसे हटाने की जरूरत है.
भाजपा के रजनीश कुमार ने कहा कि बिहार और देश की नदियां और नाले सूख रहे हैं. राजद के सुबोध राय ने कहा कि अभियान सही है, लेकिन इसे अधिकारियों के भरोसे नहीं चलाया जा सकता है. भाजपा के संजय पासवान ने कहा कि अभियान अच्छा है. इसकी मॉनीटरिंग जरूरी है. कृष्ण कुमार ने पानी की बर्बादी रोकने की सुझाव दिया.
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