पटना : 2400 समूहों को बैंक कर्ज देने का लक्ष्य

Updated at : 12 Nov 2019 8:15 AM (IST)
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पटना : 2400 समूहों को बैंक कर्ज देने का लक्ष्य

जीविका की तर्ज पर शहरी निकायों में काम करेगा आजीविका मिशन पटना : राज्य में विभिन्न मुद्दों पर काम कर रही जीविका की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन काम करेगा. नगर विकास व अावास विभाग के माध्यम से शहरी निकायों में चलाये जा रहे विभिन्न तरह के प्रोग्रामों से शहरी […]

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जीविका की तर्ज पर शहरी निकायों में काम करेगा आजीविका मिशन
पटना : राज्य में विभिन्न मुद्दों पर काम कर रही जीविका की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन काम करेगा. नगर विकास व अावास विभाग के माध्यम से शहरी निकायों में चलाये जा रहे विभिन्न तरह के प्रोग्रामों से शहरी गरीबों को फायदा देने की कोशिश की जा रही है.
अगले वर्ष आजीविका मिशन छोटे समूहों खास कर महिलाओं के ग्रुप को व्यापार के लिए बैंक लोन उपलब्ध कराने, निकायों में आश्रयविहीनों के लिए आश्रय स्थल का निर्माण करने व वेंडरों की पहचान कर वेंडिंग जोन बनाने का काम होगा. इन तीनों प्रमुख घटकों के लिए दीनदयाल आजीविका मिशन की ओर से लक्ष्य तय कर लिया गया है.
शहरी गरीबों को होगा फायदा
अगले वर्ष मार्च तक इस मिशन के तहत कुल 24 हजार एकल व्यक्तियों को बैंक कर्ज उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों का गठन कर कुल 2300 समूहों को व्यापार के लिए बैंक कर्ज दिलवाने का लक्ष्य रखा गया है.
इसके अलावा वोडिंग जोन निर्माण के लिए पटना में 98, सीतामढ़ी में सात, दरभंगा में एक, मधुबनी में एक, छपरा में तीन व नवगछिया में एक वेंडिंग जोन चिह्नित किया गया है. कुल 18840 विक्रेताओं को पहचानपत्र निर्गत किया गया है, जबकि आधार सहित 36283 वेंडरों को चिह्नित किया गया है.
बगैर आवास के 10254 लोग चिह्नित
आश्रयविहीन व्यक्तियों के लिए रैन बसेरा व आश्रय स्थल बनाने का लक्ष्य रखा गया है. 30-50 बेड वाले आश्रय स्थल के निर्माण के लिए 23 करोड़ 68 लाख राशि की स्वीकृति की गयी है. इसमें 48 आश्रय स्थलों का निर्माण करना है. इसके अलावा 43 पुराने आश्रय स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए 396 लाख की राशि स्वीकृत की गयी है.
आश्रयविहीनों की संख्या के लिए सर्वेक्षण कर संख्या की गणना की गयी है. इसमें 140 निकायों में से 35 निकायों में आश्रयविहीनों की संख्या शून्य बतायी गयी है. इसके अलावा अन्य निकायों को मिला कर 10254 आश्रयविहीन व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है.
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